हिमाचल प्रदेश और आगरा के औषधि विभाग ने नकली दवा बेचने वाले मोहित बंसल के फव्वारा स्थित मेडिकल स्टोर एमएच फार्मा का ताला तोड़कर करीब 10 घंटे जांच की। दवाओं के खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड खंगाले। टीम ने 5.50 लाख रुपये की दवाएं सीज कीं। जांच के लिए कंप्यूटर की हार्ड डिस्क, बिल व अन्य रिकॉर्ड जब्त किए हैं। नकली 9 दवाओं के 19 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
सहायक आयुक्त औषधि अखिलेश जैन ने बताया कि हिमाचल प्रदेश की पुलिस और औषधि विभाग की टीम मोहित बंसल को लेकर शुक्रवार को सुबह 8 बजे हींग की मंडी जौहरी बाजार कोतवाली स्थित उसके मेडिकल स्टोर पर पहुंची। दुकान की चाबी न देने पर ताला तोड़कर जांच शुरू की गई। इसमें बद्दी में पकड़ी गई नौ नकली दवाओं के भंडार मिले। इनके बैच नंबर का मिलान नहीं हो रहा था। इस पर टीम ने करीब 5.50 लाख रुपये की दवाएं सीज कर दीं।
टीम ने जांच के लिए डायटॉर-10, मांटेयर 10, जीरोडॉल टीएच4, रोजडे-10, यूरिस्पास, बायो डी-3 प्लस कैप्सूल, डिलजेम-एसआर, अटोर्वा-10 और अटोर्वा-20 के 19 नमूने लेकर उसे जांच के लिए लैब भेजा है। शाम छह बजे तक पहले चरण की जांच पूरी हुई। मेडिकल स्टोर फिर से सील कर टीम जांच के लिए कंप्यूटर की हार्ड डिस्क और रिकॉर्ड साथ ले गई है।
हृदय, कोलेस्ट्रॉल, किडनी की मिली नकली दवाएं
औषधि निरीक्षक नवनीत कुमार यादव ने बताया कि नकली दवाओं में हृदय रोग, कोलेस्ट्रॉल, किडनी रोग, एलर्जी की हैं। हड्डी रोग के लिए कैल्शियम, एंटीबायोटिक, दर्द निवारक समेत अन्य मर्ज की दवाएं भी मिली हैं। नमूना फेल होने पर आगरा में भी मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
ये भी पढ़ें -
CM Yogi Firozabad Visit: सीएम योगी- प्रदेश से गुंडे- माफियाओं का हुआ पलायन, चंड- मुंड होंगे अगले चौराहे पर ढेर
बद्दी में पकड़ा गया था मोहित
हिमाचल प्रदेश के बद्दी में पुलिस और औषधि विभाग ने 22 नवंबर की सुबह मोहित बंसल को बद्दी बैरियर पर यूपी नंबर की क्रेटा कार में तीन लोगों के साथ पकड़ा था। कार में यूएसबी, सिपला और इपका समेत अन्य नामी कंपनियों की दवाएं भरी थीं। पूछताछ पर ये दवाएं नकली मिलीं और बद्दी में ही बनाया जाता था। निशानदेही पर नकली दवा बनाने की फैक्टरी, पैकिंग मशीन, रैपर और कच्चा माल बरामद हुआ।
मोहित बंसल का गोदाम मिला खाली
संयुक्त टीम को मोहित बंसल के फव्वारा स्थित मुबारक महल में ट्रेंजल एंटरप्राइजेज नाम से गोदाम होने की जानकारी मिली। यहां जाने पर गोदाम खाली मिला। आशंका है कि पकड़े जाने के बाद गिरोह के सदस्यों ने गोदाम से दवाएं हटा दीं। इसी ट्रेंजल नाम से मोहित बंसल हिमाचल प्रदेश में फर्म चलाता था। इसका कमला नगर में एक फ्लैट की भी जानकारी मिली है। इससे पहले कमला नगर के रामकुंज स्थित इसके आवास की दूसरी मंजिल पर बने दो कमरों का ताला तोड़कर जांच की जा चुकी है।
30 से अधिक दवा विक्रेताओं की मिली जानकारी
औषधि विभाग की मेडिकल स्टोर की जांच में 30 से अधिक दुकानदारों के नाम रजिस्टर में दर्ज मिले हैं। कई के बिल भी हैं। इन सभी ने नकली दवा बनाने वाले मोहित बंसल के मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदी थीं। इसमेें ऐसे दवा विक्रेताओं की जानकारी मिली है, जिन्होंने बिना बिल के दवाएं खरीदी थीं। औषधि विभाग ने इनकी सूची बनाई है। इनको चरणबद्ध नोटिस देकर इनसे कितनी दवाएं खरीदी और कहां-कहां बिक्री की इसकी जांच की जाएगी।