वृंदावन (मथुरा)। जिला प्रशासन, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग एवं अयोध्या शोध संस्थान द्वारा ‘जन जन के राम’ अंतरराष्ट्रीय रामायण कॉन्क्लेव के दसवें संस्करण कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियां दीं। प्रसिद्ध भजन गायक जेएसआर मधुकर ने ‘प्रेम मुदित मन से कहौं श्रीराम-राम-राम’, ‘कभी भगवान को भी भक्तों से काम पड़े’ एवं ‘श्रीराधा ब्रज की कहानी हो गई’ भजन प्रस्तुत किए।
वाराणसी के कलाकार विशाल कृष्णा, सरस्वती शर्मा एवं साथी कलाकारों ने नृत्य के माध्यम से राम और शिव की स्तुति प्रदर्शित की। तत्पश्चात ब्रज के प्रसिद्ध भजन गायक चित्र-विचित्र ने ‘करूणामयी, कृपामयी, दयामयी राधे..., मुझे रास आ गया तेरे दर पर सर झुकाना’ एवं ‘मेरी विनती यही है राधारानी कृपा बरसाये रखना’ भजन गाकर समा बांध दिया। डॉ. सृष्टि माथुर ने सूरदास की रचना ‘हौं प्रसिद्ध पातकी’ एवं ‘भज मन राम चरण सुखदाई’ प्रस्तुत किया।
डॉ. देवकीनंदन शर्मा एवं साथियों द्वारा राम लीला के अंतर्गत धनुष यज्ञ लीला का मंचन किया। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी द्वारा आयोजित रामचरितमानस गायन एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेता छात्रों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। रामचरितमानस गायन में कुमारी वैष्णवी गौड़ एवं रामचरितमानस प्रश्नोत्तरी में कुमारी सुरभि शर्मा को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। ललित कला अकादमी ने भी प्रस्तुति दी। अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डॉ. लवकुश द्विवेदी ने आभार जताया।