इसमें पता चला कि दोनों परीक्षा में नेत्रपाल ही सम्मिलित हुआ था। दोनों आवेदन पत्र, परीक्षा में उनके ही फोटो, डिजीटल हस्ताक्षर थे। अभिलेखों की संवीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षण के दौरान केंद्र पर स्वयं भरे जाने वाले विवरण पत्र में भी एक ही हैंड राइटिंग थी। नेत्रपाल ने पालेंद्र सिंह के स्थान पर सभी परीक्षा दीं। जांच समिति ने कार्रवाई के आदेश दिए।
विवेचना हुई ट्रांसफर
सीओ हरीपर्वत सत्य नारायण ने बताया कि लखनऊ में अगस्त 2021 में अनु सचिव भर्ती उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नत बोर्ड, लखनऊ रश्मि रानी ने मुकदमा दर्ज कराया था। चूंकि आरोपी मथुरा के रहने वाले हैं। उनकी परीक्षा सिकंदरा क्षेत्र के परीक्षा केंद्र पर हुई थी। इसलिए मुकदमे की विवेचना आगरा में स्थानांतरित की गई है। मामले के अनुसार, दो अभ्यर्थियों में से एक ही ने परीक्षा देकर वर्दी पाईं थीं। जांच में धोखाधड़ी का पता चला। मामले में विवेचना कर कार्रवाई की जाएगी।