वृंदावन (मथुरा)। ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को प्रचंड गर्मी के मद्देनजर रखते हुए ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने के लिए भक्तों ने उपाय किए। श्रीबांकेबिहारी, श्रीराधावल्लभ और श्रीराधाकांत सहित विभिन्न मंदिरों में फूलबंगला सजाए गए। सुगंधित फूलों के बीच विराजमान होकर ठाकुरजी ने भी भक्तों को दर्शन दिए।
गर्मी के मौसम ने अब लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। सूरज की तपिश के चलते लोग परेशान हैं। ऐसे में इस गर्मी के प्रभाव को ठाकुरजी के लिए कम करने के लिए उनके भक्त मंदिरों में विभिन्न उपाय कर रहे हैं। प्रत्येक दिन प्रमुख मंदिरों में फूलबंगलों का आयोजन हो रहा है। श्रीबांकेबिहारी मंदिर में प्रत्येक दिन अलग-अलग फूलबंगला सजाए जा रहे हैं। मंदिर में शीतलता रहे, इसके लिए फूलबंगला में प्राकृतिक फूलों का ही उपयोग अधिक हो रहा है।
बृहस्पतिवार को पूर्णिमा के अवसर पर भी श्रीबांकेबिहारी मंदिर को भव्यता के साथ सजाया गया। भक्तों ने भव्यता के बीच ठाकुरजी की मनोहारी छवि के दर्शन किए। प्राचीन सप्त देवालयों में शामिल श्री राधावल्लभ मंदिर में भी ठाकुरजी का फूलों से शृंगार किया गया। इस्कॉन आदि मंदिर में भी फूलबंगलों के बीच भक्तों ने ठाकुरजी के दर्शन किए।
ठाकुर राधाकांत ने की जलयात्रा
जलयात्रा के पर्व पर श्री राधाकांत भगवान ने भक्तों को मनोहारी दर्शन दिए। मंदिर में भगवान श्री राधाकांत, श्री गोपाल जी ने फव्वारों में भीगते हुए दर्शन दिए। इसके साथ नौका विहार के भी दर्शन हुए। इसके लिए मंदिर के आंगन में विशेष रूप से यमुना जी की कृत्रिम झांकी बनाई गई और उसमें प्रभु ने विराजमान होकर नौका विहार किया। आचार्य विष्णुकांत शास्त्री, आचार्य मृदुल कांत शास्त्री, पवित्र कृष्ण, अंकित वेदपाठी, अरुण शुक्ला, धर्मेंद्र शर्मा, गोविंद मिश्रा, रवि शंकर मिश्रा, कन्हैया मिश्रा, छैल बिहारी शास्त्री, मोहन सोनी, सोनू वर्मा आदि उपस्थित रहे।