अब अदालत श्रीकृष्ण विराजमान के मूल वाद को प्रकीर्ण वाद में दर्ज कर रिवीजन में सुनवाई कर रही है। बता दें कि श्रीकृष्ण विराजमान वाद में यूपी सुन्नी सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन, शाही मस्जिद ईदगाह के सचिव के अलावा श्रीकृष्ण जन्म भूमि ट्रस्ट के ट्रस्टी और श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव को प्रतिपक्ष बनाया गया है। अब इस केस की सुनवाई 22 मार्च को होगी।
अदालत में पहुंचीं वादी सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री ने बताया कि हमारे वाद में पक्षकार बनने को आए प्रार्थनापत्रों को अदालत ने निरस्त कर दिया है। डीजीसी शिवराम तरकर ने बताया कि श्रीकृष्ण विराजमान के केस में पक्षकार बनाने के लिए दिए गए नौ प्रार्थनापत्रों को अदालत ने निरस्त कर दिया है।
हिंदू आर्मी के दावे पर सुनवाई आज
सिविल जज सीनियर डिवीजन नेहा बधौतिया की अदालत में हिंदू आर्मी चीफ मनीष यादव के दावे पर 18 जनवरी को सुनवाई हुई थी। इसमें दावे को दर्ज किए जाने संबंधी निर्णय के लिए अदालत ने 29 जनवरी की तारीख तय की थी। मनीष ने बताया कि अदालत में 29 जनवरी को उनके दावे पर निर्णय आ सकता है।