श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर और पास में स्थित शाही मस्जिद ईदगाह, मथुरा।
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मथुरा की सिविल जज सीनियर डिवीजन नेहा बनोदिया की अदालत में मंगलवार को श्रीकृष्ण जन्मस्थान से संबंधित जमीन विवाद को लेकर अमीन कमीशन लागू करने और शाही ईदगाह मस्जिद में साक्ष्य मिटाने के खिलाफ स्टे के मुद्दे पर सुनवाई नहीं हो सकी। नो वर्क होने कारण प्रतिवादी पक्ष भी अदालत नहीं पहुंचे। अब इस मामले पर 22 मार्च को सुनवाई होगी।
ठाकुर केशवदेव को वादी बनाकर उनके अनुयायी श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति समिति के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने 23 दिसंबर को सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में वाद दायर किया था। इसमें 13.37 एकड़ जमीन श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट को सौंपने की मांग की गई है।
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महेंद्र प्रताप ने इस मामले में अदालत में एक प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें शाही ईदगाह की दीवारों पर लगी पच्चीकारी व अन्य अवशेषों की रिपोर्ट अमीन कमीशन माध्यम से मंगाने के लिए अपील की थी। पक्षकार ने यह भी शिकायत की थी कि प्रतिवादीगणों द्वारा शाही ईदगाह मस्जिद में साक्ष्यों को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए तत्काल स्टे दिया जाए।
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इन दोनों मामलों की सुनवाई मंगलवार को होनी थी, लेकिन नो वर्क के चलते सुनवाई नहीं हो सकी। अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि अमीन कमीशन पर और स्टे आर्डर पर सुनवाई होनी थी। वादी एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मंगलवार को शाही ईदगाह पक्ष को अपना पक्ष रखना था, लेकिन अदाल में सुनवाई नहीं हो सकी। मामले में अगली सुनवाई 20 मार्च को होगी।
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