वृंदावन (मथुरा)। वात्सल्य ग्राम में शनिवार को विवाह की शहनाई बजी। अवसर था बिटिया रिद्घि के विवाह का। इस अवसर पर वात्सल्य ग्राम को सजाया संवारा गया। दीदी मां साध्वी ऋतंभरा द्वारा स्थापित भाव संबंधों पर आधारित वात्सल्य ग्राम में लगभग बीस वर्ष पूर्व अबोध अवस्था आई बिटिया रिद्धि का विवाह बड़े ही धूमधाम से रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ।
यशोदा मां सुमन परमानंद की लोरियों के बीच पली-बढ़ी बेटी रिद्धि को पिता के रूप में संजय भैया का प्यार प्राप्त हुआ। उच्च शिक्षा प्राप्त कराकर डॉक्टर बना दिया। संस्था के पीआरओ उमाशंकर राही ने बताया कि साध्वी ऋतंभरा के प्रवचनों को सुनकर वात्सल्य के बच्चे बड़े हो रहे हैं।
डॉक्टर रिद्धि का विवाह हिमाचल प्रदेश में नालागढ़ के उद्योगपति चंद्रशेखर अवस्थी प्रिंस के बेटे ऋषभ से हुआ है, जो एमबीए करने के बाद बखूबी अपना व्यवसाय संभाल रहे हैं। रिद्धि एवं ऋषभ का विवाह हिंदू संस्कृति के संपूर्ण रीति-रिवाजों के साथ वेद मंत्रों द्वारा संपन्न हुआ। विवाह में सूरत के उद्योगपति नानालाल शाह ने सपत्नीक रिद्धि का कन्यादान लिया। कांकरोली, राजस्थान के पवन शर्मा ने मामा का दायित्व निभाया। इससे पूर्व वात्सल्य ग्राम में हल्दी से लेकर बेटी विदाई तक के सभी रस्मों को विधिवत पूरा किया गया।
महामंडलेश्वर युगपुरुष स्वामी परमानंद गिरि ने नव युगल को आशीर्वाद दिया। विवाह उत्सव में केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति, पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, स्वामी जगत प्रकाश, साध्वी साक्षी चेतन, महामंडलेश्वर स्वामी ज्योतिर्मयनन्द ने अपनी सहभागिता दी।