मथुरा छात्रवृत्ति घोटाले की एक जांच पूरी होकर शासन को भेज दी गई है। इसमें 537 विद्यालयों में से 163 को ही छात्रवृत्ति के लिए उपयुक्त पाया गया है, जबकि 374 विद्यालयों को अपात्र पाया गया है। यह जांच पूरी होने के बाद डीएम के माध्यम से शासन को भेजी गई है। इस जांच के बाद 374 विद्यालयों का अपात्र होना तय माना जा रहा है। बाकी के पात्र किए गए 163 विद्यालयों को विभाग की अभी कई जांचों से गुजरना होगा।
करोड़ों रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में अपात्र विद्यालयों को अपात्र घोषित करने के लिए प्रशासन को एड़ी से चोटी तक का जोर लगाना पड़ रहा है। यह अपात्र विद्यालय किसी ने किसी प्रकार से अब भी छात्रवृत्ति पाने के लिए जोड़-तोड़ लगा रहे हैं।
पिछले सप्ताह समाज कल्याण विभाग ने एसडीएम स्तर से हुई जांच की रिपोर्ट सीडीओ को भेजी, जिसमें कुल 537 विद्यालयों में से 374 विद्यालयों को अपात्र माना गया है, जबकि 163 को पात्र माना गया है। सीडीओ डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि एसडीएम स्तर की जा हमने डीएम के पास भेजा है जहां से वह शासन को भेज दी गई है। इसमें 537 में से मात्र 163 विद्यालयों को ही पात्र माना गया है।
163 विद्यालयों में से भी कम हो सकते हैं कॉलेज
जो 163 विद्यालयों को पात्र बनाया गया है उनकी भी एक विभागीय जांच की जानी है। इस विभागीय जांच में यदि वह मानकों के अनुरूप पाए जाते हैं तो उन्हें छात्रवृत्ति मिल जाएगी। समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्ता ने बताया कि यह 163 विद्यालय यदि जांच में सही पाए गए तो उन्हें छात्रवृत्ति अवश्य मिलेगी।