मथुरा। वृंदावन कुंभ मेला क्षेत्र स्थित देवरहा बाबा घाट पर यमुना जल का नमूना लेते प्रदूषण नियत्र?
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वृंदावन (मथुरा)। यमुना के तट पर वृंदावन में आयोजित कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक के दौरान कोसी और मथुरा की वाटर पॉल्यूशन इंडस्ट्री बंद रहेंगी। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इसके लिए करीब 40 से अधिक इकाइयों को नोटिस जारी कर दिए हैं। यह जानकारी वृंदावन में नवनिर्मित ब्रह्मर्षि संत देवरहा बाबा घाट पर यमुना जल के नमूने लेते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार ने दी।
14 फरवरी को वृंदावन में मुख्यमंत्री आ रहे हैं। 16 फरवरी से कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक की शुरुआत होने जा रही है। इससे पूर्व शनिवार को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय की टीम वृंदावन पहुंची। क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार के नेतृत्व में टीम ने मेला क्षेत्र में नवनिर्मित ब्रह्मर्षि संत देवरहा बाबा घाट पर यमुना जल के नमूने लिए। इस दौरान यमुना जल में घुलित ऑक्सीजन की मात्रा 7.6 मिग्रा प्रति लीटर पाई गई है। जल का तापमान 21.5 डिग्री व कलर 20 हेजन मिला है। बीओडी की मात्रा प्रयोगशाला जांच के बाद सामने आएगी।
इस जल को क्षेत्रीय अधिकारी ने पीकर भी देखा। उन्होंने बताया कि वृंदावन के कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक के मद्देनजर प्रदूषित जल से संबंधित औद्योगिक इकाइयों को बंद करा दिया गया है। इनका संचालन मेला दौरान 25 मार्च तक नहीं होगा। इसके लिए कोसीकलां की 11 इकाइयां, मथुरा की 18 साड़ी और 11 अन्य औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं। हालांकि यमुना जल को लेकर संत और वृंदावनवासियों में नाराजगी को देखते हुए मुख्यमंत्री के आगमन से पहले ही उपरोक्त इकाइयों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बंद करा दिया है।