गिरिराजजी के आसपास है प्राचीन धरोहर
गिरिराज पर्वत से दो किमी दूर स्थित परासौली गांव है, यहां महाकवि सूरदास एवं कृष्ण की महारास स्थली है। गिरिराज पर्वत पर नाथद्वारा तक एक गुफा भी बनी है, जिसके बारे में किदवंती है कि श्रीनाथ जी हर सुबह उससे होकर नाथद्वारा जाते हैं और शाम को लौट आते हैं। इसी के दायरे में राधाकुंड कृष्णकुंड हैं। इनकी भी अपनी धार्मिक मान्यताएं हैं।
इनके अलावा गोवर्धन में लक्ष्मी नारायण मंदिर, लक्ष्मण मंदिर निर्मोही अखाड़ा, खास महल, कनक भवन, कुसुम सरोवर, उद्धव कुंड, राधाकुंड-कृष्णकुंड, ललिता कुंड, राजवाणी, राधारमण मंदिर, राधागोविंद मंदिर, मलिहारी कुंड, मणिपुरी मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर, ग्वालियर मंदिर, श्रीकृष्ण चैतन्य प्रभु मंदिर, जतीपुरा रुद्रकुंड, सुरभि कुंड, हरजी कुंड, एरावत कुंड, डंडोति शिला, श्रीनाथ जी मंदिर, चंद्र सरोवर, सूर कुटी आदि स्थल मौजूद हैं।
केंद्र की प्रसाद योजना में गोवर्धन शामिल
गोवर्धन क्षेत्र में बढ़ते पर्यटन के दृष्टिगत ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने इसे केंद्र सरकार की प्रसाद योजना में शामिल किया है। प्रसाद योजना से बनारस की वास्तुकला पर आधारित सरकारी बस स्टैंड, मल्टीलेवल पार्किंग स्थल का निर्माण कराया है। सुरक्षा की दृष्टि से परिक्रमा मार्ग में सीसीटीवी कैमरे, साउंड सिस्टम आदि के कार्य चल रहे हैं।
प्राचीन स्थलों का जुटाया जा रहा रिकॉर्ड
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ नगेंद्र प्रताप ने कहा कि लखनऊ में आयोजित रंगोत्सव की बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने गोवर्धन स्थित गिरिराज पर्वत को हेरिटेज साइट के लिए प्रस्तावित करने का सुझाव दिया था। प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश कुमार मेश्राम ने सहमति जताते हुए इस पर काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत राजस्व रिकॉर्ड आसपास के प्राचीन स्थलों का जुटाया जा रहा है। हेरिटेज साइट के लिए कंसलटेंट का चयन होगा, जो इसकी संभावना तलाशेगी।