अधिवक्ता हरी शंकर जैन ने बताया कि जमीन पर मालिकाना हक भगवान श्रीकृष्ण विराजमान का है, जबकि 12 अक्तूबर 1968 को कटरा केशव देव की जमीन का समझौता श्रीकृष्ण जन्मस्थान सोसाइटी द्वारा किया गया। जिसके तहत 20 जुलाई 1973 को यह जमीन डिक्री (न्यायिक निर्णय) की गई।
'जमीन की डिक्री खत्म की जाए'
याचिका में मांग की गई है कि भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की जमीन की डिक्री करने का अधिकार सोसाइटी को नहीं हो सकता है। लिहाजा सोसाइटी की जमीन की डिक्री खत्म कर भगवान श्रीकृष्ण विराजमान को 13.37 जमीन का मालिकाना हक दिया जाए।
अधिवक्ता ने बताया कि याचिका में उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड, कमेटी ऑफ मैनेजमेंट ट्रस्ट शाही मस्जिद ईदगाह, श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट, श्री जन्मस्थान सेवा संस्थान को प्रतिवादी बनाया गया है।
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