'जांच हो, बहुत बड़ा घोटाला है'
कछपुरा के पार्षद हरीमोहन ने कहा कि मुख्य पाइप लाइन 8 इंच की बिछी हुई है। घर-घर में कलेक्शन भी हैं फिर पानी देने में क्या परेशानी है। जलनिगम और जलकल के अधिकारी करोड़ों रुपया बर्बाद कर चुके हैं पर हम लोग अभी भी पानी के लिए परेशान हैं। जांच होनी चाहिए। यह बहुत बड़ा घोटाला है।
'आधा किमी दूर से लाते हैं पानी'
कछपुरा निवासी नर्गिस ने कहा कि पूरा घर पानी भरने के लिए आधा किमी दूर जाता है। कई बार पानी लाते हुए हादसे हो चुके हैं। घर में कनेक्शन भी है लेकिन पानी नहीं आता। यह देखकर और गुस्सा बढ़ता है।
'जांच कराई जानी चाहिए'
मनोज कुमार ने कहा कि दुनिया का सातवां अजूबा हमारे घर के सामने है। एक अजूबा यह भी है कि करोड़ों रुपये खर्च करके पानी नहीं मिल पाया। सरकार को इस घोटाले की जांच करानी चाहिए, ताकि अधिकारी ऐसी करतूत करने से डरें।
'जांच कराई जाएगी'
जलकल विभाग के महाप्रबंधक आरएस यादव ने बताया कि यमुनापार कछपुरा में पाइपलाइन बिछी होने के बाद पानी ना आने के मामले में जल निगम के साथ मिलकर जांच कराई जाएगी। पानी के लिए सभी विकल्पों को तलाश करेंगे।
नाई की सराय में 3 ट्यूबवेल खराब, लोग परेशान
यमुनापार में पानी के संकट को देखते हुए सपा सरकार में तत्कालीन विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने ट्यूबवेल लगाकर पेयजल सप्लाई की योजना तैयार कराई थी। 16 ट्यूबवेल में से 3 ट्यूबवेल अब खराब पड़े हैं जिस वजह से बड़े क्षेत्र में पानी नहीं पहुंच रहा।
इंदिरा ज्योति नगर, नगला केसरी, मायापुरी, अशोक विहार, पवन विहार, पांडव विहार समेत कई कॉलोनियों में पाइप लाइन बिछाने के बाद भी पानी नहीं मिल रहा। लोग सबमर्सिबल पंप पर निर्भर है और दूर-दूर से पानी भरने जा रहे हैं। कई कॉलोनियों ने निजी टैंकरों से सप्लाई शुरू की है।
समाधान के लिए अधिकारी गंभीर नहीं
नाई की सराय के पार्षद मिथिलेश ने कहा कि क्षेत्र में लगातार पानी का संकट बना हुआ है, लेकिन जलकल विभाग का कोई अधिकारी गंभीर नहीं है। मेयर, सांसद और राज्यमंत्री बैठक कर चुके हैं लेकिन यमुनापार के लिए कोई योजना, कोई समाधान नहीं निकाला गया