मथुरा के पुराने बस अड्डे पर बुद्ध विहार की अनुबंधित बस में लगी आग से जलकर मरे तोशीबा कंपनी के जीएम शैलेश उपाध्याय के परिवार को यात्री राहत योजना के तहत पांच लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। इसके अलावा घायल हुए यात्री को 50 हजार की सहायता राशि दी जाएगी। परिवहन निगम ने मृतक के परिवार से संपर्क करके कागजात मंगवाए हैं।
14 फरवरी की शाम पुराने बस अड्डे पर बुद्ध विहार की अनुबंधित बस में जलकर तोशीबा कंपनी के जीएम शैलेश उपाध्याय निवासी भिलाई, छत्तीसगढ़ की मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों ने परिवहन निगम की लापरवाही को जमकर कोसा था। सिस्टम पर भी सवाल खड़े किए थे। चालक तेजवीर और परिचालक सुरेश के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस अभी तक इन दोनों को पकड़ने में नाकाम रही है।
परिवहन निगम ने तोशीबा कंपनी के जीएम के परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा और घायल हुई सवारी को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देगा। परिवहन निगम ने घायल यात्री की तलाश की है। राजस्थान का बताया जा रहा है। उससे संपर्क करके इलाज की पूरे कागजात लेकर यह राशि प्रदान की जाएगी। आरएम मनोज पुंढीर ने बताया कि यात्री राहत योजना के तहत 5 लाख रुपये मृतक के परिवार को मुआवजा दिया जाएगा, वहीं घायल हुए यात्री को 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
सड़कों पर दौड़ रही जर्जर बसें
मथुरा डिपो से अनुबंधित श्यामा-श्याम संस्थान की जेनर्म बस जर्जर हो चुकी हैं। इन बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों की जान जोखिम में रहती है। कई हादसे भी हो चुके हैं, पर बसों की फिटनेस पर परिवहन निगम के अधिकारी व संचालित संस्था का ध्यान नहीं है। बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
मथुरा से गोवर्धन होते हुए बरसाना के लिए जेनर्म की एक दर्जन बसें मथुरा डिपो के अनुबंध पर श्यामा-श्याम संस्था संचालित कर रहे हैं। जेनर्म बस संचालन का संस्था और डिपो के बीच 12 साल का अनुबंध है। जेनर्म बस पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। इन बसों में यात्री यात्रा करने से डर रहे हैं।
जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते कई बार जेनर्म बसों से बड़े हादसे भी हो चुके हैं। 13 नवंबर को अडींग विद्युत स्टेशन के पास शार्ट सर्किट से जेनर्म बस में आग लगी थी। उस समय बस में 29 यात्री सवार थे, बमुश्किल यात्रियों ने बस से कूदकर जान बचाई थी।
यात्रियों को डर लगता है बसों में सवार होने पर
यात्री छीतरमल शर्मा ने कहा कि गोवर्धन मथुरा मार्ग पर खटारा जेनर्म बस चल रही हैं। यात्रियों को यात्रा करने में डर लगता है। बस चालक शराब पीकर बस चलाते हैं। इस ओर किसी का कोई ध्यान नहीं है। गौतम खंडेलवाल ने कहा कि जेनर्म बसों के हालात बेहद खराब हैं। बसें पूरी तरह से जर्जर हो रही हैं। चालक बस में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर तेजगति से बसों को चलाते हैं। यात्रियों में दहशत का माहौल है।
जल्द मार्ग से हटाएंगे जेनर्म की बसें
मथुरा डिपो के एआरएम नरेश गुप्ता ने कहा कि मथुरा से गोवर्धन के लिए 10-12 जेनर्म बस चल रही हैं। इन बसों के संचालन व मेटीनेंस की जिम्मेदारी श्यामा-श्याम संस्था की है। जेनर्म बसें जल्द बंद की जाएगी।