पौधरोपण करके यमुना किनारे नगर निगम की जमीन को कब्जाने वाले यमुना मिशन को 15 दिन की मोहलत मिली है। इन 15 दिनों में जमीन से कब्जा नहीं हटा तो नगर निगम की टीम कार्रवाई करके यमुना मिशन के कब्जे से मुक्त कराएगी। नगर निगम ने यमुना मिशन के कार्यालय पर ऐसा आदेश चस्पा करने के साथ ही रजिस्टर डाक से आदेश भी भेजा है।
आरोप है कि चक्रतीर्थ घाट से जयसिंहपुरा तक 50 एकड़ जमीन पर पौधरोपण के एवज में यमुना मिशन ने नगर निगम की जमीन को कब्जा लिया। यही नहीं इस जमीन पर झूले आदि भी लगा दिए गए हैं। यमुना की धारा को बदलकर किनारे पर कब्जाई गई जमीन की शिकायत नगर निगम से की गई, तो यमुना मिशन के प्रदीप बंसल को नोटिस भिजवाए गए। इसका जवाब मिलने के बाद नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त राजकुमार मित्तल ने 24 मार्च को यमुना मिशन को कब्जा हटाने के लिए 15 दिन की मोहलत का आदेश दिया है।
इसका एक आदेश तो यमुना मिशन के कार्यालय पर चस्पा किया गया और दूसरा रजिस्टर्ड डाक से भी भेजा गया है। 15 दिन की मोहलत का आदेश मिलते ही यमुना मिशन में हलचल शुरू हो गई है। सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि 7 अप्रैल तक यमुना मिशन ने खुद ही कब्जा हटा लिया तो ठीक है, नहीं तो 8 अप्रैल को नगर निगम की टीम बुलडोजर से कब्जामुक्त कराकर अपने बोर्ड इस जमीन पर लगाएगी।
सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि करीब 50 एकड़ जमीन को पौधरोपण की एवज में कब्जाया गया है। इससे अधिक भी जमीन हो सकती है। नगर निगम की टीम इसे चिन्हित कर रही है।