वृंदावन के रंगनाथ मंदिर में शुक्रवार को गोदाम्माजी (लक्ष्मी जी) का पांच दिवसीय विवाह उत्सव शुरू हो गया। यह उत्सव प्रत्येक वर्ष सिर्फ वृंदावन स्थित दक्षिण भारतीय शैली के रंगनाथ मंदिर में धूमधाम से मनाया जाता है। इसमें विवाह से जुड़ी हर रस्म निभाई जाएंगी।
उत्सव के पहले दिन गोदाम्मा जी अपनी सखियों को निमंत्रण देने हल्दी के पत्ते, हल्दी की ताजा गांठ, पान सुपारी, ताजा फूलों की माला व अन्य शुभ सूचकों को लेकर निज मंदिर से निकलीं। घूंघट ओढ़े गोदाम्मा जी की शोभायात्रा भगवान रंगनाथ मंदिर में पहुंचीं, जहां पूजन अर्चन किया गया।
मान्यता है कि एक महीने तक चलने वाले धनुर्मास के दौरान गोदाम्मा जी भगवान विष्ण को वर के रूप में प्राप्ति के लिए व्रत करती हैं। इसके फलस्वरूप धनुर्मास के अंत में भगवान से उनका विवाह हुआ। तब से आज तक उत्तर भारत के प्रथम दिव्यदेश रंगनाथ मंदिर में इस पांच दिवसीय विवाह उत्सव का आयोजन किया जाता है।