सदर भट्ठी चौराहे से 10 कदम की दूरी पर 10 फीट की गली में घरों में जूता मैटेरियल, केमिकल, सोल की दुकान व गोदाम संचालित हो रहे हैं। इसी गली में चार माह पहले शंकर ने मनोज कुमार का दोमंजिला भवन किराये पर लिया था। इसमें ममता सेल्स के नाम से पहली मंजिल पर शू मैटेरियल व दूसरी मंजिल पर केमिकल का गोदाम शुरू किया। एसीपी कोतवाली सुकन्या शर्मा ने बताया कि शंकर के गोदाम में पूर्वाह्न 11 बजे अचानक आग लगी। 20 लीटर का एक ड्रम फट गया। फर्श पर केमिकल फैल गया। इससे आग विकराल हो गई।
सूचना पर दमकल कर्मी पहुंचे। आग के विकराल होने पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह, एफएसओ सोमदत्त सोनकर भी आ गए। गली संकरी होने के कारण दमकलकर्मियों को मुश्किल आ रही थी। लपटें फैलने से पुलिस ने आसपास के दुकान व घरों को खाली करवाया। धुएं के गुबार के कारण राहत दल को खड़ा होना मुश्किल हो रहा था। फायर ब्रिगेड ने आसपास के गोदामों को खाली कराना शुरू किया। उधर, केमिकल के ड्रमों के धमाकों से अफरातफरी मच गई। पुलिस ने यातायात डायवर्ट करके सदर भट्ठी चौराहे को बंद कर दिया। शाम 4 बजे तक दमकल कर्मचारियों ने काफी हद तक काबू पा लिया था।
दमकल कर्मी आग बुझाने के लिए गली में पानी की बौछार कर रहे थे। तभी ड्रम फटने से 3-4 धमाके हुए। बाहर भीड़ थी। धमाका होते ही आग की लपटें बाहर की ओर निकलीं। अफरातफरी मच गई। काले धुएं से पुलिस और दमकलकर्मियों की वर्दी काली पड़ गई थी। आंखों में जलन भी हो रही थी।दोपहर 12 बजे स्कूलों की छुट्टी होने पर बच्चे घर लौटे तो सदर भट्ठी का रास्ता बंद था। ऐसे में बच्चे पैदल निकले। वह धुआं, अफरातफरी व पुलिस बल को देखकर दहशत में आ गए। बाद में पुलिस कर्मियों ने उन्हें सुरक्षित निकाला। केमिकल गोदाम के पीछे छोटी अस्थायी बस्ती है। गोदाम की दीवार से सटा मंदिर है। उसके बराबर में कई घर हैं। मौके पर मौजूद पूर्व पार्षद अमर सिंह ने बताया कि बस्ती में घर भी खाली करा दिए गए।