आगरा में एनएच-2 पर गुरुद्वारा गुरु का ताल के सामने आठ जुलाई की रात को 90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ रहा कंटेनर सड़क किनारे पटे हुए नाले पर चढ़ गया था। हादसे में नाले पर सोते सात में से छह लोगों की मौत हो गई थी।
दो मृतकों के परिजन आ गए थे, जबकि चार की पहचान नहीं हो सकी। 72 घंटे पूरे होने पर रविवार को पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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आठ जुलाई की रात को मथुरा की ओर जा रहा कंटेनर के गुरुद्वारा गुरु का ताल के सामने अनियंत्रित होने की वजह से हादसा हुआ था। पांच लोगों की मौके पर ही, जबकि एक की एसएन इमरजेंसी में मौत हो गई थी। पुलिस ने कंटनेर चालक मैनपुरी के थाना किशनी के गांव डांडिया निवासी मुनेश और क्लीनर सिंटू को गिरफ्तार किया था।
दो मृतकों में गोकुलपुरा निवासी सुभाष पुत्र रतन लाल और शाहगंज निवासी सुनील पुत्र मोमीन थे। उनके परिजन आ गए थे। इस पर पुलिस ने शवों को सौंप दिया था। बाकी चार मृतकों की पहचान के प्रयास किए गए, लेकिन पहचान नहीं हो सकी।
एक घायल भी कुछ नहीं बता सका। आसपास के इलाके में पुलिस फोटो लेकर घूमी, लेकिन कोई पहचान नहीं कर सका। थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि रविवार को पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने चारों मृतकों का अंतिम संस्कार किया।
कपड़े और फोटो सुरक्षित रखे
थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मृतकों की आयु 35 से 50 साल के बीच है। इनमे 35 वर्षीय एक मृतक का रंग सांवला और वह लाल रंग की अंडरवियर पहने था। दूसरे की उम्र 45 साल है। वह सांवले रंग का था। काली पैंट, बेल्ट और अंडरवियर पहने था।
तीसरे की उम्र 50 साल थी। उसकी दाढ़ी ज्यादा थी। उसके सिर पर साफी थी। चौथे मृतक की उम्र लगभग 50 साल और रंग सांवला था। वह सफेद बनियान और साफी पहने था। दो मृतक ट्रक के पहिये से पूरी तरह से कुचल गए। इन सबके फोटो और कपड़ों को सुरिक्षत रखा गया है। अगर, भविष्य में कोई पहचान करने आता है तो पहचान कराई जाएगी।