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अब न बात हो न मुलाकात, पाक पर हो सीधा वार, जवानों के साथ बर्बरता पर खौला शहीदों के घरवालों का खून

Sat, 22 Sep 2018 03:41 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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बीएसएफ जवान नरेंद्र सिंह
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सीमा पर बीएसएफ जवान नरेंद्र की नृशंस हत्या पर शहीदों के परिवार वालों का खून खौल उठा है। इन लोगों का कहना है कि भारत को अब पाकिस्तान से न कोई वार्ता करनी चाहिए और न ही वहां की सरकार के किसी नुमाइंदे से मुलाकात। अब तो सीधा हमला होना चाहिए।
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सेना को एक जवान के बदले पाकिस्तान के 10 जवानों को मारने की छूट दी जाए। झंडीपुर निवासी शहीद बबलू सिंह की पत्नी रविता देवी का कहना है कि जवान शहीद हो रहे हैं और भारत वार्ता की हामी भर रहा है। बात और मुलाकात से पाकिस्तान बाज आने वाला नहीं है।

लाडपुर निवासी शहीद विक्रम सिंह के पिता बलराम सिंह भी पाकिस्तान से वार्ता के पक्ष में नहीं हैं। नगला खूंटिया निवासी शहीद पुष्पेंद्र के पिता तेज सिंह कहते हैं कि हमारे जवान को पाकिस्तानी सैनिक अगवा करके घंटों तड़पाते हैं।
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गला रेत देते हैं। बर्बरता हुई लेकिन हमारा देश अभी भी पाकिस्तान से रिश्ते निभा रहा है। कोसीकलां के गांव शेरगढ़ निवासी शहीद हेमराज की पत्नी धर्मवती का कहना है कि अब कौन सी मुलाकात की जरूरत रह गई है।
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सुषमा स्वराज ने कहा था, 1 के बदले 10 सिर लाएं

 8 जनवरी 2013 को कोसीकलां के गांव शेरनगर निवासी लांस नायक हेमराज के साथ भी बर्बरता की गई थी। उनका सिर काट लिया गया था। उस समय सुषमा स्वराज भी शहीद के घर पर पहुंची थीं।

हेमराज के गांव वालों का कहना है कि उस समय सुषमा स्वराज ने कहा था कि यदि पाकिस्तान शहीद लांस नायक हेमराज का सिर वापस नहीं करता है तो भारत को दूसरी ओर से कम से कम 10 सिर लाने चाहिए, लेकिन आज सत्ता में होने के बाद खामोश हैं।

 
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