सत्संगियों ने जिस तरह से पुलिस पर हमला बोला और भारी पड़े। वह प्रशिक्षित हमलावरों से कम नहीं दिख रहे थे। कई लोग पत्थरबाजी कर रहे थे। तो कई लाठियां भांज रहे थे। लाठी और पत्थर लगने के बाद पुलिसकर्मी घायल हुए तो उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। इसके कुछ देर बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई। वह सत्संगियों द्वारा 24 घंटे में जमीन के कागज तहसील में दिखाने की बात कहकर वापस लौट गई।
Agra News: सत्संगियों द्वारा लाया डंडा दिखाता पुलिसकर्मी
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सत्संगियों ने पहले पुलिस को कागजों में उलझाया और उसके बाद एकदम से घेराबंदी कर दी। सत्संगियों की यह रणनीति भी पुलिस पर भारी पड़ी। पुलिस जब टेनरी गेट तक बुलडोजर लेकर पहुंची तब सत्संगियों की संख्या कम थी। सत्संग सभा के पदाधिकारी कागज दिखाने लगे। इसमें समय गुजरता गया और सत्संगी अपनी संख्या बढ़ाते गए। पुलिस यह रणनीति समझ नहीं पाई और तीन तरफ से घिर गई।
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रविवार शाम करीब 4:30 बजे फोर्स टेनरी गेट दयालबाग पहुंचा। गेट बंद था और कुछ सत्संगी अंदर थे। कहासुनी होने लगी। सत्संग सभा के कुछ पदाधिकारी कागज लेकर आए और प्रशासनिक अधिकारियों को दिखाने लगे। आधे घंटे का समय इसमें गुजर गया। तब तक हजारों सत्संगी आ पहुंचे।
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करीब 6 बजे तक पोइया घाट और दयालबाग कॉलेज की तरफ से भी सत्संगी आ पहुंचे। फोर्स को तीन तरफ से घेर लिया। शाम 6.30 बजे पुलिस ने आखिरी बार पूरी ताकत से गेट हटाने का प्रयास किया। इस पर सत्संगियों ने पथराव कर दिया।
दोनों तरफ से पथराव, लाठी-डंडे चलने से एक मीडियाकर्मी सहित 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। तभी सत्संगी भजन गाने लगे। आखिर में सत्संगियों को सोमवार तक कागज दिखाने की मोहलत देकर फोर्स लौट आई।