कोरोन वायरस से ठीक होकर एसएन से घर जाते लोग (फाइल)
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ताजनगरी में अब तक कोरोना वायरस को मात देने वाले 573 मरीजों में से 171 में कोई लक्षण ही नहीं था। इन 30 फीसदी मरीजों को सिर्फ पौष्टिक आहार दिया गया। दाल, हरी सब्जी, फल और दूध से ही इन्होंने कोरोना को मात दे दी। इनके अलावा इतने ही मरीज ऐसे हैं जिनमें खांसी, जुकाम और बुखार जैसे लक्षण थे।
इन्हें इन बीमारियों की ही दवा दी गई। ये भी 10 से 15 दिन में ठीक होकर घर पहुंच गए। लंबा इलाज सिर्फ उनका चल रहा है जो पहले से दिल, गुर्दा, सांस की बीमारी से पीड़ित हैं। इम बीमारियों के रोगियों के संक्रमित होने की आशंका भी ज्यादा रहती है।
ऐसे करीब 40 फीसदी मरीज हैं। चिकित्सक इनके इलाज, जांच और डायट प्लान बनाकर निगरानी रखी जा रही है। इनकी रक्त की जांच, मधुमेह-ब्लडप्रेशर की जांच, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, डायलिसिस करते हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि लक्षणों के आधार पर दवा, हेल्दी डाइट और निगरानी इन तीनों के बेहतर तालमेल से एसएन में कोरोना के 50 फीसदी मरीज ठीक हो गए हैं। बाकी ने अन्य जगह वायरस को मात दी है।
योगाभ्यास से भी मिला मरीजों को फायदा : डॉ. प्रभात अग्रवाल
कोविड अस्पताल के डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि हेल्दी डाइट से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। योगाभ्यास भी कराया गया है। इससे भी फायदा हुआ है। लक्षणों के आधार पर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इसके लिए मरीजों को तीन वर्गों में बांटा जाता है।
रोजाना 2200 कैलोरी से अधिक का दिया जा रहा है भोजन : मिनी शर्मा
एसएन मेडिकल कॉलेज की डायटीशियन मिनी शर्मा ने बताया कि चिकित्सकों की निगरानी में मरीजों को 2200 से 2400 कैलोरी का भोजन दिया जा रहा है। नाश्ता और भोजन तय है। इससे मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता तेजी से बढ़ी और जल्द स्वस्थ हुए।
यह दी जाती है डाइट
सुबह आठ बजे : हर्बल चाय, बिस्किट, फल, दूध का दलिया-पोहे और उबले हुए चने में से एक।
दोपहर बारह बजे : दाल, हरी सब्जी, चावल, सलाद और चपाती।
अपराह्न चार बजे : हर्बल चाय, बिस्किट।
रात आठ बजे : दाल, चपाती, हरी सब्जी, सलाद और दूध।
पानी: रोजाना पांच से आठ लीटर गुनगुना और सामान्य पानी।