आगरा: बॉक्स से वैक्सीन निकालती स्वास्थ्यकर्मी
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अरे अभी तक आप आए नहीं, टीका लगना है भाई, कहां हो.. जल्दी आओ। आगरा में बूथ से जब अनुपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों से प्रभारी ने पूछा तो किसी ने कहा कि बुखार से तप रहा हूं। कोई बोला, रिश्तेदारी में आया हूं। पहले दिन सिर्फ 361 स्वास्थ्यकर्मियों ने टीका लगवाया, जबकि 600 का टीकाकरण होना था।
आगरा में कोरोना टीकाकरण बूथों पर दोपहर दो बजे के बाद इक्का-दुक्का ही लोग टीका लगवाने वाले आए। यह देख मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय ने बूथ प्रभारियों से रिपोर्ट ली तो संख्या कम देख उन्होंने सभी प्रभारियों से लाभार्थियों को फोन कर बुलाने को कहा।
इस पर जब फोन किया तो कई लाभार्थियों ने बहाने बनाए। काफी समझाने पर भी कर्मचारी टीका लगवाने के लिए राजी नहीं हुए। इस पर सभी की अनुपस्थिति की वजह की सूची बनाई गई है। इनकी काउंसलिंग करने के बाद सूची शासन को भी भेजी जाएगी।
ये बताईं वजह
- शहर से बाहर चला गया हूं, जरूरी काम था।
- दवाएं चल रही हैं, टीका बाद में लगवाऊंगा।
- पहले औरों को लगने दो, बाद में लगवा लेंगे।
- गमी में आ गया हूं, अगली बार लगवा लेंगे।
- किडनी, कैंसर की बीमारी है, दवा ले रहा हूं।
- मुझे एलर्जी है, इसलिए अभी नहीं लगवा रहा।
कर्मचारियों की काउंसलिंग की जाएगी
लेडी लॉयल की एसआईसी डॉ. कंचन गुप्ता ने कहा कि अनुपस्थित लोगों की सूची बनाई है, इसमें ऐसे भी रहे, जिन्होंने टीका लगवाने में हिचक दिखाई। उनकी काउंसलिंग की जाएगी।
बीमारी की वजह बताई, कुछ बाद में लगवाएंगे
जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एसके वर्मा ने कहा कि कुछ ने कैंसर, किडनी की बीमारी की दवा चलने तो किसी ने एलर्जी की शिकायत बताई है।
अनुपस्थित लोगों को फोन कर भी बुलाया
एसएन कॉलेज के टीकाकरण प्रभारी डॉ. शैलेंद्र चौधरी ने बताया कि सूची से मिलान कर अनुपस्थित लोगों को फोन कर टीका लगवाने के लिए कहा, उन्होंने व्यक्तिगत वजह भी बताईं।