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मरीजों की जान से हो रहा खिलवाड़, एंबुलेंस के नाम पर चल रहीं खटारा वैन

Mon, 22 Apr 2019 04:11 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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मेडिकल कॉलेज के बाहर खड़ीं एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
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वैन पर बत्ती लगाई, लाल रंग से उल्टे अक्षरों में एंबुलेंस लिखवाया और तैयार हो गई एंबुलेंस। आगरा में मरीजों को लेकर जाने वाली अधिकांश एंबुलेंस का यही हाल है। खटारा वैन को एंबुलेंस का रूप देकर मरीजों की जान से खेला जा रहा है। यह सब कमीशनबाजी और हॉस्पिटल संचालकों की मिलीभगत से हो रहा है। 
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आगरा में 20 अप्रैल को एंबुलेंस चालक की लापरवाही से नवजात की जान चली गई। बीच रास्ते में एंबुलेंस की ऑक्सीजन खत्म हो गई। सिलिंडर में ऑक्सीजन भरवाने के बहाने चालक एंबुलेंस को रास्ते में ही छोड़कर भाग गया था। इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसकी मुख्य वजह है कि एंबुलेंस में मानकों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। 

जिले में स्वास्थ्य विभाग के यहां 2018-19 के लिए 1065 चिकित्सकीय संस्थान पंजीकृत थे। अभी इनके नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है। परिवहन विभाग में 716 एंबुलेंस पंजीकृत हैं, लेकिन जिले में 2500 से अधिक अवैध एंबुलेंस चल रही हैं। इनमें चिकित्सकीय मानकों का अनुपालन नहीं किया गया है।
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ऑक्सीजन सिलिंडर, बीपी जांचने के उपकरण और टेक्नीशियन नहीं रहते। क्रिटिकल एंबुलेंस में आईसीयू-वेंटीलेटर तक नहीं है। फिटनेस तक भी नहीं जांची जाती है। इसके बावजूद इन एंबुलेंस में गंभीर मरीजों को भी लेकर जाते हैं। 

किराया पूरा, पर सुविधाएं अधूरी 

एंबुलेंस संचालक मरीजों को शिफ्ट करने के लिए चिकित्सकीय मानकों के आधार पर किराया पूरा लेता है। सामान्य एंबुलेंस का 10-12 रुपये प्रति किमी भाड़ा वसूला जाता है। क्रिटिकल एंबुलेंस में 16 से 20 रुपये प्रति किमी का चार्ज लिया जाता है। इस तरह से मरीजों से भाड़ा पूरा लिया जाता, लेकिन एंबुलेंस में मरीजों को चिकित्सकीय सेवाएं अधूरी ही मिलती हैं। 

जांचने की इनकी है जिम्मेदारी 

सीएमओ डॉ मुकेश वत्स ने बताया कि एंबुलेंस में चिकित्सकीय मानकों के जांचने के लिए परिवहन विभाग को लिखा है। इसमें उनकी टीम भी शामिल रहेगी। परिवहन विभाग जब अभियान चलाएगा, हम तैयार हैं। 

आरटीओ (प्रवर्तन) अनिल कुमार ने कहा कि अवैध एंबुलेंस के खिलाफ जांच अभियान शुरू कराएंगे। इसके लिए टीम बनाई जा रही है। जल्द स्वास्थ्य विभाग के साथ कार्रवाई करेंगे। 
 
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एंबुलेंस में ये होने चाहिए मानक 

- ऑक्सीजन सिलिंडर
- सक्शन डिवाइस
- आला और थर्मामीटर
- ब्लड प्रेशर मापक यंत्र 
- अग्निशमन सिलिंडर
- फर्स्ट एड, मेडिसिन
- दो स्ट्रेचर

क्रिटिकल एंबुलेंस : उपरोक्त के अलावा

- पैरामेडिकल स्टाफ, टेकभनीशियन
- विशेषज्ञ चिकित्सक  
- आईसीयू-वेंटीलेटर
- कार्डियक मॉनिटर
- जीवनरक्षक दवाएं
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