यमुना नदी के बीहड़ में बसे हवेलियों के गांव कमतरी की जिस हवेली में फिल्म दिल और पत्थर की शूटिंग की गई थी, उसे अब दुनिया देखेगी। 1928 में बनी हेरिटेज हवेली को 2.25 करोड़ रुपये खर्च कर संरक्षित किया जा रहा है। आगरा से 80 किमी दूर बसे कमतरी में राय बहादुर उल्फत राय चतुर्वेदी ने 1928 में यह हवेली बनवाई थी, जिसमें 22 कमरे हैं। 1974 में इसी में फिल्म की शूटिंग की गई थी।
अमेरिका से लौटे उनके नाती प्रशांत कुमार चतुर्वेदी ने 1974 में हुई फिल्म की शूटिंग से जुड़ी यादें साझा की और बताया कि 1977 में रिलीज हुई फिल्म की शूटिंग पर तब 20 हजार रुपये मिले थे। उनके पिता भुवनेश्वर नाथ चतुर्वेदी मजिस्ट्रेट रहे थे। पर्यटन विभाग से हेरिटेज का दर्जा मिलने के बाद उन्होंने 2.25 करोड़ रुपये से हवेली को संरक्षित करने की योजना बनाई है, जिसमें से काफी कार्य हो चुका है।
हेरिटेज होटल में बदल जाएगी हवेली
प्रोजेक्ट में काम कर रहे सिविल इंजीनियर पवन शर्मा ने बताया कि हवेली को प्राचीन स्वरूप में ही संजोया जा रहा है। इसमें 8 सुईट विकसित किए गए हैं। स्विमिंग पूल भी बनाया जाएगा। वह इससे पहले राजमाता सिंधिया की हवेली के संरक्षण से जुड़े थे। कमतरी गांव में इस हवेली को देखने, रहने के लिए जब सैलानी आएंगे तो स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
संरक्षण में पुरानी तकनीक का ही इस्तेमाल
पवन शर्मा ने बताया कि हवेली के संरक्षण में पुरानी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। चूना, बेल, गुड़ का सीरा, मैथी, उड़द दाल, सन, गोंद, ईंट की सरेस, बजरी का पेस्ट बनाकर संरक्षण कर रहे हैं। पेस्ट बनाने के लिए कोल्हू लगाया गया है। इस हवेली में घिरनी वाला कुआं भी दिखाई देगा।