शर्मा जी का बेटा 12वीं की परीक्षा दे चुका है। जेईई एडवांस्ड परीक्षा में सफल नहीं हुआ। वह फाइन आर्ट्स में भविष्य बनाना चाहता है लेकिन अभिभावक उसे बी फार्मा कराना चाहते हैं। उनको लगता है कि बी फार्मा के बाद अपना मेडिकल स्टोर तो खोल ही लेगा। अब समस्या ये है कि कैसे पता चले कि अभिभावक या बच्चे जिस क्षेत्र को करियर के रूप में चुनना चाहते हैं वह उस क्षेत्र के लिए उपयुक्त है भी या नहीं? यदि आप या आपके बच्चे भी करियर या विषय के चुनाव को लेकर भ्रमित हैं तो मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र की मदद ले सकते हैं। यहां बच्चों की क्षमताओं का आकलन कर विशेषज्ञ राह सुझाने में मदद कर सकते हैं।
पंचकुइंया रोड राजकीय इंटर काॅलेज मैदान के सामने स्थित मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र मुश्किल में फंसे मन के लिए मददगार साबित हो सकता है। बात चाहे ग्यारहवीं कक्षा में विषय चुनने की हो या फिर बारहवीं के बाद भविष्य की राह। यहां के काउंसलर मनोवैज्ञानिक विधि से आपकी क्षमता व रुचि को परखकर सही राह सुझाएंगे।
संस्था के मनोवैज्ञानिक जितेंद्र कुमार यादव बताते हैं कि यदि कोई बच्चा कहता है कि वह प्रशासनिक सेवाओं में जाना चाहता है तो सबसे पहले हम मनोवैज्ञानिक विधि से उसके बौद्धिक स्तर को मापते हैं। पता चल जाता है कि बच्चे का आईक्यू स्तर कितना है। यदि बच्चे का आईक्यू उस स्तर का नहीं है तो फिर उसके आईक्यू स्तर के लिए कौन-कौन से रोजगार के क्षेत्र हो सकते हैं, उससे संबंधित परीक्षण किए जाते हैं।
मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र सभी कार्य दिवसों पर सुबह 10 से शाम 5 बजे तक खुला रहता है। यहां मनोचिकित्सक से काउंसिलिंग या किसी भी प्रकार का परीक्षण कराने के एवज में कोई शुल्क नहीं लिया जाता, सभी सेवाएं निशुल्क हैं। कोई भी अभिभावक या युवा करियर, विषय या फिर अन्य किसी मानसिक दुविधा से गुजर रहा हो तो यहां पर तैनात काउंसलरों की मदद ले सकते हैं।