मैनपुरी। वित्तीय वर्ष में बीते दो वर्षों की अपेक्षा पांच गुना अधिक मजदूरों को मनरेगा में सौ दिन का रोजगार मिला। वहीं एक लाख अन्य मजदूरों के लिए मनरेगा योजना रोजगार का साधन बनी। वित्तीय वर्ष के अंत तक कुल दस हजार श्रमिकों को सौ दिन रोजगार उपलब्ध कराने का प्रशासन का लक्ष्य है।
मनरेगा के तहत जिले की 549 ग्राम पंचायतों में रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत श्रमिकों को चक मार्ग निर्माण, तालाब खोदाई, नाली खोदाई आदि कार्य दिए जाते हैं। इसमें मजदूरों को अधिकतम सौ दिन का रोजगार दिए जाने का प्रावधान है। विगत वर्षों में एक हजार श्रमिकों को सौ दिन का रोजगार मिलता है लेकिन इस बार ये आंकड़ा लगभग पांच गुना हो गया। बीते वर्ष केवल 1088 श्रमिकों को और 2019 में 974 श्रमिकों को सौ दिन का रोजगार मिला लेकिन इस बार 5210 श्रमिकों को सौ दिन का रोजगार मिला।
वहीं एक लाख अन्य श्रमिकों को भी लगभग 35 दिन का औसतन रोजगार उपलब्ध कराया गया। इनमें से पांच हजार मजदूरों को अभी और सौ दिन का रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य प्रशासन ने रखा है। इसके लिए सीडीओ ने सभी खंड विकास अधिकारियों को आदेश जारी किया है।
40.41 लाख मानव दिवस हुए सृजित
जिले में अब तक कुल 40.41 लाख मानव दिवस सृजित कर श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इससे श्रमिकों को गांव में रोजगार मिला और उन्हें पलायन नहीं करना पड़ा। वहीं वित्तीय वर्ष के समापन तक लगभग छह लाख और मानव दिवस सृजित करने के लिए कवायद की जा रही है।
लगातार कार्य जारी रहने से हुआ सुधार
कोरोना संक्रमण काल में मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों में कार्य जारी रखने के आदेश सीडीओ ईशाप्रिया ने जारी किए थे। इसके लिए उन्होंने ब्लॉक स्तर पर खंड विकास अधिकारियों को प्रतिदिन की समीक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी। मुख्यालय स्तर पर उपायुक्त मनरेगा और सीडीओ ने खुद इसकी मॉनीटरिंग की। इसके चलते सौ दिन रोजगार मिलने वाले श्रमिकों की संख्या बढ़कर पांच गुनी हो गई।
फैक्ट फाइल
1.05 लाख को उपलब्ध कराया कार्य
-5210 को इस साल सौ दिन मिला काम
-1088 को बीते वर्ष सौ दिन मिला काम
-40.41 लाख मानव दिवस हुए सृजित
-06 लाख मानव दिवस और सृजित करने का है लक्ष्य
वर्जन
वित्तीय वर्ष में पांच हजार से अधिक श्रमिकों को सौ दिन का रोजगार उपलब्ध कराया गया। ये संख्या बीते सालों की अपेक्षा काफी अधिक है। इसमें और सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष के समापन तक लगभग दस हजार श्रमिकों को सौ दिन रोजगार दिलाने का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है।
ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।