मैनपुरी। वित्तीय वर्ष के लगभग दस माह बीतने के बाद भी आठ ब्लॉकों की 117 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत तीन हजार से कम मानव दिवस सृजित किए गए हैं। इसे लापरवाही मानते हुए संबंधित पांच खंड विकास अधिकारियों/कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा को मुख्य विकास अधिकारी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
वित्तीय वर्ष में अब केवल दो माह का ही समय बचा है। ऐसे में मनरेगा के तहत श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराना और लक्ष्य को पूरा करना प्रशासन की प्राथमिकता है। अब तक लगभग 25 प्रतिशत लक्ष्य अवशेष है। ऐसे में लगातार ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कार्य जारी रखना जरूरी है। लेकिन जिले के आठ ब्लॉकों की 117 ग्राम पंचायतों में मानव दिवस तीन हजार से कम हैं।
इसे लापरवाही मानते हुए मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने आठ ब्लॉकों के पांच खंड विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कई खंड विकास अधिकारी एक से अधिक ब्लॉक संभाल रहे हैं, इसी के चलते नोटिस की संख्या कम है। सीडीओ ने मैनपुरी और सुल्तानगंज में तैनात बीडीओ आदित्य कुमार, बरनाहल और घिरोर में तैनात बीडीओ धीरेंद्र कुमार, कुरावली में तैनात बीडीओ पीके अग्रवाल, बेवर में तैनात बीडीओ विजय सिंह और करहल व जागीर में तैनात खंड विकास अधिकारी/कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा रामप्रसाद को नोटिस भेजकर जवाब मांगने के साथ ही प्रगति सुधारने के आदेश दिए हैं।
रोजगार सेवकों से भी लेंगे स्पष्टीकरण
ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य जारी रखने की जिम्मेदारी रोजगार सेवकों की है। ऐसे में सीडीओ ने खंड विकास अधिकारी को आदेशित किया है वे तीन हजार से कम मानव दिवस सृजित करने वाली ग्राम पंचायतों में तैनात रोजगार सेवकों से भी स्पष्टीकरण लें। अगर इसके बाद भी सुधार नहीं होता है तो कार्रवाई करें।
तीन हजार से कम मानव दिवस वाली ग्राम पंचायतों की संख्या
मैनपुरी-16
बेवर-09
सुल्तानगंज-19
कुरावली-21
बरनाहल-19
घिरोर-17
करहल-07
जागीर-09
वर्जन
मनरेगा कार्यों के संचालन के लिए लगातार आदेशित किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष समापन की ओर है ऐसे में तीन हजार से कम मानव दिवस की प्रगति संतोषजनक नहीं है। संबंधित खंड विकास अधिकारियों को सुधार के लिए नोटिस जारी किया गया है।
ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।