आगरा के सिकंदरा थाना के शस्त्रागार से एके-47 के 76 कारतूस और तीन रिवाल्वर चोरी हो जाने की घटना का बड़ा ही नाटकीय खुलासा हुआ है। पुलिस का कहना है कि वारदात एक चोर ने की थी। वो थाने में मोबाइल चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने आया था। तभी रिवाल्वर और कारतूस चोरी कर ले गया। उससे 58 कारतूस और दो रिवाल्वर बरामद कर ली गई हैं।
इस चोरी का पता 22 नवंबर को तब चला था जब एएसपी ने असलाह और कारतूस की गिनती कराई थी। पुलिस का कहना है कि बंटी ने 22 को ही चोरी की थी। पुलिस का कहना है कि बंटी मोबाइल चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए आया था। बाद में आकर बोला कि मोबाइल बरामद हो गया है और मिठाई बांटी।
पुलिसकर्मी मिठाई खाते ही आपस में बातें करने लगें। वो शस्त्रागार का ताला खोलकर रिवाल्वर और कारतूस चोरी कर ले गया। यह भी कहा जा रहा है कि बाकी बची एक रिवाल्वर और 28 कारतूस उसकी निशानदेही पर बरामद हो सकते हैं।
इस मामले में मुंशी राम किशन और रंजीत को निलंबित किया गया था। दोनों के पास शस्त्रागार का चार्ज था और चाभी भी उनके ही पास थी। पुलिस का कहना है कि बंटी पहले भी कई चोरी कर चुका है। उसके पास कई चाबियां हैं।
... तो थाने का पूरा स्टाफ दिन में ही सो रहा था
अगर इस खुलासे की कहानी को सही माना जाए तो यह कहना भी गलत नहीं होगा कि सिकंदरा थाने का पूरा स्टाफ 22 को दिन में ही गहरी नींद में सोया था। पुलिस कह रही है कि बंटी थाने के अंदर आया, ऑफिस के अंदर गया, वहां से शस्त्रागार तक गया, उसकी चाबी खोली, कारतूस और रिवाल्वर चोरी की, इसके बाद ले भी गया और किसी को भनक तक नहीं लगी। यह तो तभी मुमकिन हो सकता है जब पूरा थाना गहरी नींद में हो। इस पर अधिकारी अभी कुछ नहीं बोल रहे।
खुलासे की कहानी पर उठ रहे सवाल
- एक तरफ पुलिस कह रही है कि बंटी शातिर चोर है, कई बार जेल जा चुका है। सवाल यह है कि उसे तब क्यों नहीं पहचाना जब वह 22 को आया था?
- थाने के सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं तो पता कैसे चला कि वारदात बंटी ने की है?