आगरा। ताजमहल में कृष्ण का स्वरुप बनकर आए पर्यटक को नहीं मिला टिकट। संवाद । वायरल फोटो है
- फोटो : Agra City
आगरा में शनिवार को भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में ताजमहल पहुंचे पर्यटक को स्मारक में प्रवेश नहीं दिया गया। पश्चिमी गेट से पर्यटक को प्रवेश दिए बिना लौटा दिया गया। पर्यटक भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में अपने परिवार के साथ ताजमहल देखने पहुंचा था। इस वेशभूषा पर ताज पर तैनात सुरक्षाकर्मियों व भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) के कर्मचारियों ने उसे रोक दिया।
एक गाइड ने उसके फोटो खींचने के साथ वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। वायरल वीडियो में पर्यटक यह कहता हुआ नजर आ रहा है कि कोई बात नहीं है। हमें अब ताजमहल नहीं देखना है। इस मामले में अधीक्षण पुरातत्वविद् डा. वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि ताजमहल समेत किसी भी स्मारक में प्रमोशनल एक्टिवटी की अनुमति नहीं है। व्यक्ति ताजमहल में प्रवेश करने के बाद अपना प्रमोशन न करे, इसलिए उसे प्रवेश से रोका गया होगा। स्वरूप की वेशभूषा में किसी को स्मारक में प्रवेश नहीं दिया जा सकता है। एएसआई के एक्ट के अनुसार स्मारक में पुरानी चली आ रही परंपराओं के अलावा नई परंपरा की शुरुआत नहीं की जा सकती है।
कोरोना काल में पहली बार आए हैं इतने पर्यटक, फरवरी के बाद ताज पर सैलानियों की इतनी भीड़ पहुंची
ताजमहल के दीदार के लिए शनिवार को सैलानियों की रिकॉर्ड संख्या रही। कोरोना काल में फरवरी के बाद यह पहला मौका था, जब शनिवार को ताजमहल पर पर्यटकों की संख्या 20 हजार तक हो गई। इससे पहले 14 हजार तक पर्यटक ताज पर आए थे। शनिवार को दोपहर के बाद पर्यटकों की संख्या में अचानक इजाफा हुआ। माना जा रहा है कि रविवार की बंदी खत्म हो जाने के कारण दिल्ली एनसीआर और लखनऊ के पास के सैलानी रात्रि प्रवास के लिए शनिवार को आ गए, इस वजह से शनिवार शाम को पर्यटकों की भीड़ ताजमहल पर देखने को मिली। पर्यटन उद्यमी ताज पर 20 हजार सैलानियों के पहुंचने से उत्साहित हैं।
न केवल ताज, बल्कि आगरा किला पर भी सैलानियों की संख्या पहले की तरह हो गई है। किले पर 4,105 पर्यटक आए, जबकि अन्य स्मारकों पर सैलानियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। लोगों में ताजमहल के दीदार का ही क्रेज रहा। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच पर्यटकों की संख्या ज्यादा नजर आई।