'लापरवाही से गई भतीजे की जान'
मृतक राजू के चाचा रणधीर सिंह ने बताया कि यह हादसा लिफ्ट का संचालन करने वालों की लापरवाही से हुआ है। लिफ्ट में प्रवेश के लिए एक गेट लगा होता है। यह लिफ्ट के तल पर आने पर ही खुलता है। मगर, राजू पांचवीं मंजिल पर खड़ा था। लिफ्ट सातवीं मंजिल पर थी। इसके बावजूद गेट खुल गया। गेट में तकनीकी कमी थी। लिफ्ट के मेंटनेंस की जिम्मेदारी सोसायटी की होती है। उन्होंने ठीक से जिम्मेदारी नहीं निभाई।
पूरी बिल्डिंग से एक सीए मेंटनेंस चार्ज के 2400 रुपये भी लेते हैं। इसके लिए सोसायटी और सीए जिम्मेदार हैं। उन्होंने प्रतीक सेंटर वेलफेयर सोसायटी, सीए मुकेश गुप्ता और गार्ड कोमल सिंह को हादसे के लिए जिम्मेदार मानते हुए तहरीर दी है। थाने का प्रभार देख रहे एसआई अमित कुमार ने बताया कि लापरवाही से मौत के मामले में सीए, सोसायटी और गार्ड के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना के बाद कार्रवाई की जाएगी।
लॉकडाउन में छूट गई थी राजू की नौकरी
परिजनों ने बताया कि राजू तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके दो छोटे भाई अजीत और संजय हैं। अजीत बीमार रहता है। पिता भगवान सिंह बुजुर्ग हैं। वो भी बीमार रहते हैं। राजू की पत्नी सपना है। उनके दो बच्चे छह साल का दिव्यांश और 11 माह की बेटी दिव्या है। राजू की लॉक डाउन में नौकरी छूट गई थी। वह काफी समय से नौकरी की तलाश कर रहा था।
किसी परिचित की मदद से हाल में ही नौकरी लगी थी। वह तकरीबन 15 दिन से आ रहा था। अब हादसा हो गया। इससे पूरा परिवार टूट गया है। अब घर में कोई कमाने वाला नहीं है। पूरे परिवार की जिम्मेदार राजू पर ही थी। दो बच्चों से पिता का साया उठ गया। बेटा पापा के लिए रोये जा रहा था। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
सीसीटीवी कैमरे का फुटेज आया सामने
पुलिस ने टावर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए। इसमें लिफ्ट के सामने ही कैमरा लगा है। इसमें नजर आ रहा है कि राजू हेलमेट हाथ में लेकर मोबाइल पर बात कर रहा है। वह लिफ्ट के आने का इंतजार कर रहा है। तभी एक युवक लिफ्ट से निकलता है। कुछ सेकंड तक राजू रुके रहते हैं। फिर गेट खोलते हैं और अंदर चले जाते हैं। तभी हादसा हो जाता है।