खेत में हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में शासन गंभीर है। शासन पहले ही इस चूक के लिए लोक निर्माण विभाग के तीन अभियंताओं को निलंबित कर चुका है।
जिला प्रशासन से भी प्रमुख सचिव और डीजीपी ने रिपोर्ट मांगी है। डीएम आरपी सिंह और डीआईजी पीयूष कुमार श्रीवास्तव ने यह रिपोर्ट प्रमुख सचिव और डीजीपी को भेज दी है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी जिले की सहावर तहसील के फरौली गांव में तूफान और डकैती पीड़ितों के परिवारों को आर्थिक मदद देने के लिए पहुंचे थे, लेकिन उनका हेलीकॉप्टर निर्धारित हेलीपैड पर नहीं उतर सका।
खेत में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
पायलट ने प्राथमिक विद्यालय की ओर से हेलिकॉप्टर को नीचे लाते हुए उतारने की कोशिश की, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिली। हेलिकॉप्टर फिर ऊपर उठा लिया और आसमान में मंडराने के बाद पास के ही खेत में उतार दिया।
जहां हेलिकॉप्टर लैंड किया गया वो खेत भी सुरक्षित नहीं था। इस घटना के बाद जिला प्रशासन से लेकर शासन तक मामले की जानकारी होते ही खलबली मच गई।
मुख्यमंत्री के जाने के बाद प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी तो पुलिस महानिदेशक ने डीआईजी से। दोनों ही अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट बुधवार को शासन को भेज दी है।
दो अफसरों पर हो चुकी है कार्रवाई
रिपोर्ट में बताया गया है कि आनन-फानन में सीएम का कार्यक्रम लगा, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखकर हेलीपैड निर्धारित किया गया। पूर्व में भी इस हेलीपेड पर अन्य माननीयों के हेलीकाप्टर उतरे हैं।
डीएम आरपी सिंह एवं डीआईजी पीयूष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रमुख सचिव और पुलिस महानिदेशक को रिपोर्ट भेज दी गई है। पीडब्लूडी के अभियंताओंं पर कार्यवाही की जा चुकी है। शासन के स्तर से भी जांच हो रही है।