मैनपुरी। थाना बेवर क्षेत्र के एक गांव में 13 साल पहले भांजी के साथ दुष्कर्म करने वाले मामा को अपर जिला जज षष्ठम/पॉक्सो एक्ट ने 10 साल की सजा सुनाई है। उस पर 20000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। साक्ष्य के अभाव में पीड़िता के फूफा और मौसेरे भाई को बरी कर दिया है।हरदोई की रहने वाली एक किशोरी जिला फर्रुखाबाद के एक गांव में अपने माता-पिता के साथ अपने मौसा के यहां एक शादी में शामिल होने के लिए 24 अप्रैल 2012 को आई थी। शादी के बाद जिद करके थाना बेवर क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला किशोरी का सगा मामा संजीव तिवारी उसको अपने गांव ले गया। किशोरी के पिता की रिपोर्ट के अनुसार किशोरी के साथ उसके मामा, फूफा और मौसेरे भाई ने शीतल पेय पदार्थ पिलाने के बाद दुष्कर्म किया। घर लौटने पर किशोरी ने अपनी मां को पूरी बात बताई। किशोरी के पिता ने पांच सितंबर 2012 को थाना बेवर में तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने जांच करने के बाद तीनों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज षष्ठम/पॉक्सो एक्ट चेतना चौहान के न्यायालय में हुई। अभियोजन की ओर से विपिन कुमार चतुर्वेदी ने गवाही कराई। गवाही के आधार पर मामा को भांजी के साथ दुष्कर्म करने का दोषी पाया गया। दोषी पाने के बाद उसको 10 साल की सजा सुनाकर उस पर 20000 रुपया का जुर्माना भी लगाया है। साक्ष्य के अभाव में पीड़िता के फूफा और मौसेरे भाई को बरी कर दिया गया है।