मैनपुरी। जिले में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए कागजों में ही तैयारियां नजर आ रही हैं। धरातल पर न तो सफाई नजर आ रही है, न ही जलभराव की निकासी की कोई तैयारी है। यही हाल रहा तो इस बार पिछले साल से भी अधिक गंभीर स्थिति होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
पिछले साल जिले में डेंगू तेजी के साथ फैला था। शहर के कई प्रमुख मोहल्लों के साथ ही कई गांव में डेंगू के मरीज मिले थे। डेंगू से लोगों की मौतें भी हुई थी। इस साल डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पिछले दो महीने से जागरूकता अभियान चला रहा है। लेकिन धरातल पर इस अभियान का कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। न तो कहीं दवा डाली गई है और न ही कहीं पर पानी की निकासी की व्यवस्था की गई है। इससे डेंगू से बचाव की उम्मीद नहीं दिख रही है। यदि इसी प्रकार से रोकथाम के उपाय किए गए तो इस साल पिछले साल से भी अधिक डेंगू के मरीज होंगे जिसे रोक पाना स्वास्थ्य विभाग के लिए आसान नहीं होगा। शहर की यदि बात करें तो शहर के कई मोहल्लों में वर्तमान समय में पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। स्कूलों और घरों के पास पानी एकत्रित हो रहा है।