स्वतंत्रता दिवस से पहले मैनपुरी को सौगात मिली है। आजादी की लड़ाई के इतिहास को अपने आप में समेटे महाराजा तेज सिंह का किला संरक्षित स्मारक घोषित किया गया है। राज्यपाल द्वारा अनुमति देने के बाद शासन के प्रमुख सचिव जितेंद्र कुमार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। जारी की गई अधिसूचना की प्रति जिलाधिकारी को भी भेजी गई है।
मैनपुरी के अंतिम शासक रहे महाराजा तेजसिंह जूदेव ने पुरानी मैनपुरी में बने किले में रहकर अंग्रेजों से कई बार लड़ाई लड़ी। अंग्रेज सैनिकों द्वारा मैनपुरी राज्य पर कब्जा करने के लिए किले पर की गई गोलीबारी के कई निशान आज भी किले की दीवारों पर मौजूद हैं। महाराजा तेजसिंह की मृत्यु के बाद उनके रिश्तेदार अरविंद कुमार सिंह जयपुर में रहकर किले की देखभाल करते हैं।
देखरेख के अभाव में किला लगातार खंडहर जैसा होता जा रहा है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उत्तर प्रदेश प्राचीन एवं ऐतिहासिक स्मारकों तथा अवशेषों का परिरक्षण अधिनियम 1956 के तहत मैनपुरी राजा के किला को संरक्षित स्मारक घोषित किया है। शासन के प्रमुख सचिव जितेंद्र कुमार ने संरक्षित स्मारक घोषित करने के संबंध में अधिसूचना जारी करके उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग के निदेशक डॉक्टर एके सिंह सहित जिलाधिकारी को पत्र भेजा है।