प्लॉट खरीदने जा रहे हैं, तो उसकी अच्छे से जांच पड़ताल कर लें। आगरा में एक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें कॉलोनी का फर्जी नक्शा बनाकर भूखंड बेच दिया गया। मामले में पुलिस ने कमीशन एजेंट को गिरफ्तार कर लिया है।
आगरा के सदर क्षेत्र में पांच वर्ष पहले बिक चुकी काॅलोनी के भूखंडों का कमीशन एजेंट ने किसानों की मिलीभगत से मुख्तारनामा कराया। फर्जी नक्शा बनाकर भूखंडों को दोबारा बेच दिया। खरीदार भूखंडों पर कब्जा लेने पहुंचे तो धोखाधड़ी का पता चला। मामले में थाना सदर में केस दर्ज कराया गया। पुलिस ने एक कमीशन एजेंट को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।
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बुंदू कटरा निवासी ममता गुप्ता ने केस दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि पति प्राॅपर्टी डीलर हैं। उन्होंने और साझेदारों ने वर्ष 2013 में रोहता में खसरा संख्या 284 से 290 तक का बैनामा कपूरचंद और उसके भाई किशन सिंह से अपने नाम कराया था। इनमें तीन खसरों 288, 289, 290 का बैनामा कपूरचंद और किशन सिंह ने सीधे ममता गुप्ता, उनके रिश्तेदारों राहुल गुप्ता और नीतू गुप्ता के नाम किया था। जमीन पर श्री बालाजी गोकुल नाम से कालोनी काटी थी। काॅलेानी के 34 भूखंड वर्ष 2013 से 2016 के दौरान बेच दिए गए थे।
उनके यहां काम करने वाले कमीशन एजेंट सेमरी का ताल निवासी मनोज ने साजिश के तहत वर्ष 2020 में कपूरचंद से तीन खसरों 288, 289 एवं 290 भूखंडों का मुख्तारनामा अपने नाम करा लिया। प्रत्येक खसरा 280 वर्ग मीटर का था। मनोज ने साजिश के तहत दोबारा भूखंड बेच दिए। एसीपी सदर विनायक भोसले ने बताया कि मामले में मनोज, रोहता के रहने वाले किसान भाइयों कपूरचंद एवं किशन सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। कपूरचंद को पुलिस ने एक महीने पहले गिरफ्तार करके जेल भेजा था। अब मनोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक वह सेमरी का रहने वाला है। केस में विवेचना की जा रही है।