त्रिवेंद्रम एक्सप्रेस में लूट, हत्या करने वाले गिरोह की गिरफ्तारी से रेलवे पुलिस को एक ऐसे गैंग का सुराग लगा है जिसमें महिलाएं भी हैं। यह महिलाएं बाकायदा ट्रेनों में रिजर्वेशन कराकर चलती हैं।
रात को चुपके से अटैची, पर्स और अन्य सामान पार करके किसी स्टेशन पर उतर जाती हैं। इनमें दिल्ली, लखनऊ, बिहार, मध्यप्रदेश और मुंबई तक की महिलाएं हैं। इस गैंग की महिलाएं एक दूसरे को सुंदरी के नाम से पुकारती हैं।
रेलवे पुलिस ने बुधवार को एक महिला समेत पांच बदमाशों को गिरफ्तार करके त्रिवेंद्रम एक्सप्रेस में लूट-हत्या की वारदात का खुलासा किया था। जब गिरफ्तार बदमाशों से रेलवे पुलिस ने पूछताछ की तो एक महिलाओं के गैंग का चौंकाने वाला नेटवर्क सामने आया है। इसमें कुछ महिलाएं सतीश गुर्जर गैंग में भी काम कर चुकी हैं।
यह महिलाएं आमतौर पर रात में ही वारदातों को अंजाम देती हैं। रेलवे पुलिस द्वारा गिरफ्तार प्रदीप कुमार ने बताया कि यह महिलाएं आमतौर पर उस कोच में ज्यादा वारदात करती हैं जहां भीड़ ज्यादा रहती है। इस गैंग में 11 महिलाएं हैं। आमतौर पर लंबी दूरी की ट्रेन को निशाना बनाया जाता है। वारदात करने के बाद किसी भी स्टेशन पर उतर जाती हैं और वहां एक दो दिन आराम करने के बाद आगे बढ़ती हैं।
एसपी जीआरपी जोगिंदर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों से जो भी नेटवर्क सामने आया है उस पर काम किया जा रहा है। जो महिलाएं वारदात कर रही हैं उनकी भी तलाश की जा रही है।
इस गिरोह में शामिल युवतियां अच्छे कपड़े पहनती हैं। सज धजकर रहती हैं। यात्रियों को अपनी बातों से इतना प्रभावित कर देती हैं कि वह इन पर विश्वास कर लेते हैं। बस इसी बीच यह युवतियां अपने पर्स से बिस्किट, चाकलेट या फिर खाने की कोई चीज निकालकर इन्हें देंगी और बेहोश कर देंगी। बाद में सारा सामान लेकर चंपत हो जाती हैं।
इस तरह के मामले भी लगातार प्रकाश में आ रहे हैं। एसी कोच में भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। आगरा से दिल्ली तक जहरखुरान के ही हर महीने बीस से तीस केस हो ही जाते हैं। दिल्ली का एक परिवार भी पिछले दिनों इस गैंग का शिकार हुआ है। दंपती आगरा से दिल्ली जा रहे थे। युवती ने खुद को छात्रा बताया था। यह दंपती सो गया। जब आंख खुली तो न सामान था और न ही युवती।