जिले की आगरा और फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीटों के लिए मतदान हो चुका है। दोनों लोकसभा सीटों पर मतदान में कमी आई है। जीत-हार के साथ प्रत्याशियों की प्रतिष्ठा के साथ यहां जमानत भी दांव पर लगी है। आगरा लोकसभा सीट पर जमानत बचाने के लिए प्रत्याशियों को 1,86,810 वोट चाहिए जबकि फतेहपुर सीकरी सीट पर 1,71,465 वोट जरूरी हैं।
लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों को जमानत बचाने के लिए कुल मतदान का 1/6 हिस्सा चाहिए। सात मई को आगरा लोकसभा के 20,72,685 मतदाताओं में से 11,20,864 ने ही अपने मत का प्रयोग किया। यहां जमानत बचाने के लिए नियम के तहत 1,86,810 वोट प्रत्याशी को पाने होंगे, अन्यथा जमानत राशि जब्त हो जाएगी। आगरा लोकसभा सीट पर 11 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। आगरा सीट पर पिछली बार 1.91 लाख वोट जमानत बचाने के लिए चाहिए थे। इस बार कम मतदान के कारण 1.86 लाख वोट चाहिए होंगे।
सीकरी में चाहिए होंगे 1,71,465 वोट
फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट पर 17,98,823 मतदाताओं में से केवल 10,28,791 ने ही वोट डाले। फतेहपुर सीकरी सीट पर प्रत्याशियों को जमानत बचाने के लिए 1,71,465 वोट चाहिए। फतेहपुर सीकरी सीट पर 9 प्रत्याशी चुनाव मैदान में है। सीकरी सीट पर बीते साल से मतदान का प्रतिशत कम है, इस वजह से यहां जमानत बचाने के लिए पहले से कम वोट चाहिए।
अमर सिंह की हो चुकी जमानत जब्त
साल 2019 के लोकसभा चुनाव में आगरा से 9 प्रत्याशी मैदान में थे। सिर्फ दो प्रत्याशियों की जमानत बची थी। कांग्रेस प्रत्याशी प्रीता हरित की जमानत जब्त हुई, वहीं सीकरी सीट पर बसपा प्रत्याशी श्रीभगवान शर्मा की भी जमानत जब्त हो गई थी। दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी सिनेस्टार राज बब्बर एक हजार वोटों से जमानत बचा पाए थे। इस सीट पर 15 में से सिर्फ दो प्रत्याशियों की जमानत बची थी।
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में आगरा से चुनाव लड़े सपा प्रत्याशी महाराज सिंह धनगर और कांग्रेस प्रत्याशी उपेंद्र सिंह समेत 13 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई थी। फतेहपुर सीकरी सीट पर राष्ट्रीय लोकदल से चुनाव लड़े अमर सिंह समेत 25 उम्मीदवार भी जमानत जब्त करा बैठे थे।