उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में तीसरे चरण के मतदान से पहले नेताओं में उस समय खलबली मच गई जब भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष के नाम से फर्जी पत्र वायरल हुआ। इस वायरल पत्र से पूर्व सांसद देवेन्द्र सिंह यादव के बारे में अफवाह फैलाई गई। हालांकि बाद में भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद को अपनी सफाई देने के लिए वीडियो जारी करना पड़ा।
एटा लोकसभा क्षेत्र के लिए 7 मई मंगलवार को मतदान होना है। सोमवार को 1149 पोलिंग बूथों के लिए पोलिंग पार्टियां रवाना की गईं। वहीं राजनैतिक दल प्रत्याशी एक एक वोट के लिए सेंधमारी करने में जुटे हैं। पूरी ताकत प्रत्याशियों ने एक दूसरे के वोटों की सेंधमारी में लगा दी है। चुनाव के इस माहौल के बीच तरह-तरह की अफवाहें भी उड़ने लगी हैं।
ऐसी ही अफवाह का मामला सोशल मीडिया पर आया, जिसमें भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष के नाम से फर्जी पत्र वायरल हुआ। जिसमें लिखा था कि सपा छोड़कर पूर्व सांसद देवेंद्र सिंह यादव भाजपा में शामिल नहीं हुए हैं और भाजपा का उनसे कोई संबंध नहीं है। फर्जी पत्र रविवार की रात को वायरल हुआ।
इस पत्र को देख भाजपा के नेता हक्के बक्के रह गए। सोमवार को सुबह भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय ने एक पत्र भी जारी किया। जिसमें लिखा कि पूर्व सांसद देवेंद्र सिंह यादव भाजपा में ही हैं। जो पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वह भ्रामक है। वे कानूनी कार्रवाई करेंगे। इसके बाद भाजपा नेताओं को राहत मिली। उधर पूर्व सांसद देवेंद्र सिंह यादव ने भी जारी किए वीडियो में कहा है कि वह भाजपा के साथ हैं और भाजपा प्रत्याशी को जिताने के लिए पूरी मजबूती से जुटे हैं। उन्हें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और डिप्टी सीएम ने शामिल किया था। वह अब भी भाजपा में हैं और भाजपा में रहेंगे।