फिरोजाबाद लोकसभा सीट के चुनाव नतीजों पर इस बार सबकी नजर है, क्योंकि यहां 'सैफई परिवार' की सियासी जंग के बीच भाजपा सहित छह उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। सभी प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन 'सैफई परिवार' की जंग में जनता का फैसला चौंकाने वाला भी हो सकता है।
लोकसभा चुनाव 2014 में सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव फिरोजाबाद सीट से जीत कर पहली बार लोकसभा में पहुंचे थे। मोदी लहर में अक्षय ने भाजपा के उम्मीदवार एसपी सिंह बघेल को हराया था, लेकिन तब शिवपाल यादव सपा में थे। इस बार शिवपाल यादव ने अक्षय के खिलाफ चुनाव लड़ा।
शुरुआती चुनावों में यह लोकसभा सीट कभी किसी एक पार्टी के पास रही, लेकिन पिछले पांच चुनावों की बात करें तो चार बार यहां से समाजवादी पार्टी जीत चुकी है। हालांकि 2009 के उपचुनाव में कांग्रेस के राजबब्बर ने सपा की डिंपल यादव का करारी शिकस्त दी थी।
भाजपा लगा चुकी है जीत की हैट्रिक
फिरोजाबाद सीट पर 1957 में पहली बार लोकसभा चुनाव हुए, जिसमें निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी। 1967 में सोशलिस्ट पार्टी ने यहां से चुनाव जीता, 1971 में कांग्रेस ने यहां पर जीती। 1977 से लेकर 1989 तक हुए कुल चार चुनाव में भी कांग्रेस सिर्फ एक बार ही जीत पाई।
वर्ष 1991, 1996 और 1998 के लोकसभा चुनाव में लगातार तीन बार जीत हासिल कर फिरोजाबाद से भाजपा के प्रभु दयाल कठेरिया ने हैट्रिक लगाई थी। इसके बाद 1999 और 2004 में समाजवादी पार्टी के रामजी लाल सुमन ने बड़ी जीत हासिल की।
2009 में फिरोजाबाद लोकसभा सीट से अखिलेश यादव जीते। हालांकि बाद में उन्होंने इस सीट को छोड़ दिया था। 2009 के उपचुनाव में सपा ने यहां से डिंपल यादव को उतारा, लेकिन कांग्रेस के राज बब्बर ने उन्हें करारी शिकस्त दी थी।
मोदी लहर में जीती सपा
वर्ष 2014 के लोकसभआ चुनाव में मोदी लहर के बावजूद फिरोजाबाद सीट से भाजपा के एसपी सिंह बघेल नहीं जीत सके। वो दूसरे स्थान पर रहे। सपा के अक्षय यादव ने बघेल को 1 लाख 14 हजार 59 वोटों से हराया था, लेकिन सैफई परिवार के साथ था।
2014 चुनाव के नतीजे
अक्षय यादव ( सपा ) - 534583
एसपी सिंह बघेल ( भाजपा) - 420524
ठाकुर विश्वदीप सिंह (बसपा) - 118909
अतुल चतुर्वेदी ( कांग्रेस ) - 7447
लोकसभा चुनाव 2019 से पहले समाजवादी पार्टी से अलग होकर शिवपाल यादव ने नई पार्टी बना ली। फिरोजाबाद सीट से अपने भतीजे अक्षय यादव के खिलाफ चुनाव लड़ा। सैफई परिवार की लड़ाई के बीच भाजपा ने चंद्रसेन जादौन को मैदान में उतारा। इनके अलावा तीन प्रत्याशी और मैदान में हैं।
जातिगत आंकड़ा पर नजर डालें तो फिरोजाबाद क्षेत्र में करीब 15 फीसदी से अधिक मुस्लिम जनसंख्या है, जो यहां पर निर्णायक स्थिति में हैं। 2019 के चुनाव में भी इस सीट पर मुस्लिम, जाट और यादव वोटरों का समीकरण बड़ी भूमिका निभा सकता है। फिलहाल 23 मई को जनता का फैसला सबके सामने होगा।