महान सूफी संत अमीर खुसरो की जन्मभूमि एटा ना सिर्फ राजनीतिक बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है। एटा संसदीय सीट उत्तर प्रदेश के चर्चित लोकसभा सीटों में शुमार है। पिछली बार की तरह इस बार भी इस सीट के चुनाव नतीजे पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
अब तक के लोकसभा चुनावों की बात करें तो सबसे ज्यादा छह बार यहां से भाजपा प्रत्याशी को जीत मिली। पिछले लोकसभा चुनाव में यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह ने भाजपा के टिकट पर यहां से जीत हासिल की थी। इनसे पहले कल्याण सिंह एटा से सांसद बने थे।
वर्ष 1999 और 2004 के लोकसभा चुनावों में एटा लोकसभा सीट से लगातार दो बार समाजवादी पार्टी के देवेंद्र सिंह यादव ने जीत हासिल की। इस बार देवेंद्र यादव ने दोहरी ताकत से चुनाव लड़ा, क्योंकि गठबंधन होने से बसपा का भी समर्थन मिला। गठबंधन नेता उनकी जीत के दावे कर रहे हैं।