रात में ट्रकों से उतारा, सुबह को चढ़ाया
शासन ने आदेश जारी कर दिया कि मजदूरों को न पैदल जाने दिया जाएगा और न ही ट्रकों से। बसों का इंतजाम किया जाएगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। आदेश की सख्ती शनिवार की रात तक ही चली। सुबह होते ही व्यवस्था बदल गई।
शनिवार की रात जिन मजदूरों को ट्रकों से उतारकर आईएसबीटी भेज दिया गया था, उनके लिए रात भर में बस का इंतजाम नहीं हो पाया। सुबह तक संख्या बढ़ती चली गई। आखिर में सुबह मजदूरों ने ट्रकों को रुकवाकर उनमें सवार होना शुरू कर दिया। पुलिस ने भी ट्रक रुकवाए।
ट्रक का नंबर, चालक का मोबाइल नंबर नोट किया
बाद में व्यवस्था की गई कि ट्रकों के नंबर और चालकों के मोबाइल नंबर नोट किए जाने लगे। उधर फतेहपुर सीकरी और रूनकता में पैदल आ रहे मजदूरों की संख्या बढ़ी तो वहां पुलिसवालों ने ट्रक रुकवाकर उनके जाने का इंतजाम करा दिया।