पांच साल से सुनवाई नहीं
मोहित कुमार ने कहा कि बिजली के तार छतों पर झूल रहे हैं। इन्हें हटवाने के लिए पांच साल से बिजली विभाग के चक्कर काट रहे हैं, कोई सुनवाई नहीं होती। इंजीनियर कहते हैं, जमीन खरीदने से पहले क्यों नहीं सोचा कि ऊपर बिजली की लाइन है।
सिकंदरा विद्युत खंड के एसडीओ राजकुमार ने कहा कि उमाकुंज का मामला संज्ञान में आया है। वहां से बिजली की लाइन को शिफ्ट करना पड़ेगा। पिछले साल एस्टीमेट बनाकर दिए थे। विभाग को भी एस्टीमेट भेजे हैं, लेकिन विभाग बिजली लाइनों की शिफ्टिंग नहीं करता। फिर भी मैं दोबारा मौका-मुआयना करवा लेता हूं।
डीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक अमित किशोर ने कहा कि इस तरह का मामला मेरी जानकारी में नहीं है। आपने बताया है तो मौके पर जांच कराई जाएगी। लाइनों की शिफ्टिंग क्षेत्रीय लोगों को अपने खर्चे पर करानी होगी।