चंदे की रकम से ही राकेश के कफन का इंतजाम किया गया। बस्ती के लोग शव को लेकर पोइया घाट स्थित श्मशान घाट पहुंचे, जहां रिक्शा चालक का अंतिम संस्कार किया गया। राकेश ही घर में कमाना वाला एक सदस्य था।
लोगों ने की एंबुलेंस की व्यवस्था
जेपी नगर के दीपक सिंह ने बताया कि हम सभी बस्ती वालों ने एंबुलेंस बुलाई। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण बस्ती के सभी लोगों ने अपने स्तर से चंदा एकत्रित कर शव का अंतिम संस्कार करने में सहयोग किया।
खरीदीं गईं चार पीपीई किट
घर से शव को श्मशान घाट ले जाने के लिए बस्ती के चार युवाओं गोविंद, सोनू, बंटू और हरप्रसाद ने पीपीई किट खरीदी। बस्ती के लोग चाहते थे कि किसी दूसरे व्यक्ति को कोई दिक्कत नहीं हो और अंतिम संस्कार भी हो जाए। इसलिए पीपीई किट पहनने के बाद ही अंतिम संस्कार किया गया।