प्रशासन ने बाहर से आने वाले मजदूरों की सूची कराई उपलब्ध
मलावन स्थित प्लांट में काम कर रहे थे 15 हजार से ज्यादा श्रमिक
बिहार, झारखंड और पूर्वी यूपी के थे अधिकांश श्रमिक
बाहर से अपने गांव आए मजदूरों के लिए खुशखबरी है। उन्हें घर लौटने के साथ ही रोजगार उपलब्ध होने वाला है। जवाहर तापीय परियोजना के एमडी राजेंद्र सिंह ने बताया कि अब स्थानीय मजदूर ही परियोजना में काम करेंगे।
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इसका मुख्य कारण यहां बड़ी संख्या में रहने वाले मजदूर लॉकडाउन में अपने घर चले गए हैं। जो बचे भी हैं, वह जाने की तैयारी में अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। प्रशासन से बाहर से आए मजदूरों की सूची मांगी गई है। इन मजदूरों को कॉल कर बुलाया जाएगा और उनकी योग्यता के आधार पर उनसे काम लिया जाएगा।
1320 मेगावाट होगा बिजली का उत्पादन
मलावन में करीब 350 हेक्टेयर भूमि पर 1320 मेगावाट की दो यूनिटों का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें करीब 36 में मुख्य संयंत्र का निर्माण कराया जाएगा, जबकि 221 एकड़ में ग्रीन बेल्ट बनाई जाएगी। इसके लिए करीब 275 ऊंची चिमनी का निर्माण कराया जाएगा। वहीं, 374 करोड़ रुपये की लागत से नहर का निर्माण भी कराया जा रहा है, जिसके माध्यम से परियोजना को पानी पहुंचाया जाएगा।
दूसान कंपनी करा रही निर्माण कार्य
दक्षिण कोरिया की कंपनी दूसान को परियोजना के निर्माण का ठेका मिला है। करीब 10,500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली परियोजना के लिए रेलवे ट्रैक बिछाने का काम भी इन दिनों चल रहा है। इसके लिए एटा से मलावन तक ट्रैक बिछाया जा रहा है। इसके माध्यम से कोयला और डीजल की आपूर्ति प्लांट को की जाएगी।
घर जाने के लिए कराया पंजीकरण
लॉकडाउन की घोषणा के साथ ही परियोजना में काम बंद कर दिया गया। इसके बाद से सभी मजदूर अपने-अपने घरों को चले गए। इनमें से करीब चार हजार मजदूर यहीं रह गए। तीसरे लॉकडाउन के बाद यहां काम प्रारंभ हुआ पर बीस प्रतिशत कर्मियों के साथ।
ऐसे में चौथे लॉकडाउन के बाद इन चार हजार मजदूरों में भी घर जाने की जल्दी है। उन्हें लग रहा है कि यदि लॉकडाउन आगे बढ़ा तो यहां बिना मजदूरी और राशन के उनका गुजारा कैसे हो जाएगा। इसके चलते सभी ने अपने ठेकेदार के माध्यम से जिला प्रशासन के ई पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है। प्रशासन इन्हें निरंतर बसों के माध्यम से गंतव्य को भेज रहा है।
फिलहाल चल रहा धीमी गति से काम
परियोजना में मजदूरों की कमी और मैटेरियल आने में आ रही परेशानी के चलते काम की गति धीमी है। यहां इन दिनों वायलर पर वेडिंग, पैनल खड़े करने सहित अन्य काम मशीनों के सहारे किया जा रहा है। जैसे-जैसे मजदूरों की उपलब्धता होगी काम गति पकड़ेगा।
परियोजना में बाहर के बहुतायत में मजदूर थे, जो सभी लॉकडाउन में घर चले गए हैं। बचे मजदूरों ने भी घर जाने के लिए अपना पंजीकरण जिला प्रशासन की वेबसाइट पर कराया है।
परियोजना के काम के लिए एडीएम प्रशासन विवेक मिश्रा से वार्ता कर बाहर से आए श्रमिकों को बुलाया जाएगा। उन्हें उनकी योग्यता के आधार पर परियोजना के काम में जुटाया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार के साथ निर्माण कार्य गति पकड़ेगा। -राजेंद्र सिंह, एमडी, जवाहर तापीय परियोजना