आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की एलएलबी परीक्षा में परीक्षा केंद्र बदलने और प्रवेशपत्र में गड़बड़ी से छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अफरातफरी के बाद परीक्षा मॉडल स्कूल में कराई गई, जिससे परीक्षा प्रक्रिया करीब आधे घंटे देरी से शुरू हुई।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की विधि (एलएलबी) परीक्षाएं सोमवार को शुरू हो गईं। पहले ही दिन परीक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई। कई छात्रों के प्रवेशपत्र पर पुराना केंद्र दर्ज था, जब वह केंद्र पर पहुंचे और प्रवेशपत्र अपडेट किया तो केंद्र का नाम दूसरा निकला। वहां पहुंचने पर ताला बंद मिला। ऐसे छात्रों के हंगामा करने पर माॅडल स्कूल में परीक्षा कराई गई।
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दरअसल, विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले आगरा कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया था। बाद में महाविद्यालय प्रशासन के विरोध के बाद केंद्र बदल दिया गया। कई छात्रों के प्रवेशपत्र पर पुराना केंद्र यानी आगरा कॉलेज ही दर्ज रहा। बड़ी संख्या में छात्र अपने प्रवेशपत्र के अनुसार सुबह आगरा कॉलेज पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्हें जानकारी मिली कि उनकी परीक्षा खंदारी स्थित लाइफ साइंस में होनी है। प्रवेशपत्र अपडेट करने पर छात्रों को इस नए केंद्र की जानकारी हुई। वहां पहुंचने पर कॉलेज के मुख्य गेट पर ताला लटका मिला। सुबह 8 बजे से परीक्षा होनी थी, इससे अफरातफरी मच गई।
बाद में प्रशासन ने छात्रों को मॉडल स्कूल केंद्र पर शिफ्ट किया, जहां उनकी परीक्षाएं आयोजित कराई गईं। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष डॉ. गौरव शर्मा भी इस मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कहा कि रविवार को रात ही रात प्रवेशपत्र अपडेट किए गए। इसकी सूचना छात्रों को नहीं थी। विश्वविद्यालय को सभी तैयारी पूर्ण करने के बाद ही परीक्षाएं शुरू करानी चाहिए।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश का कहना है कि तकनीकी दिक्कत के कारण कुछ छात्रों का प्रवेशपत्र अपडेट नहीं हो पाया होगा। अपडेट करने पर उन्हें नया केंद्र दिखा और उनकी परीक्षा कराई गई।
आधे घंटे देरी से शुरू हुई परीक्षा
छात्रों ने बताया कि पहले केंद्र के बारे में असमंजस रहा। बाद में जो प्रश्नपत्र मिले वह करीब आधे घंटे देरी से मिले। हालांकि, समय उनका 2 घंटे ही दिया गया। परीक्षा 8 से 10 बजे की जगह परीक्षा करीब 8:30 बजे शुरू होकर 10:30 बजे तक आयोजित हुई।