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गजब कर डाला: आर्मी के सूबेदार, जिन्होंने सरहद पर दुश्मन को चटाई धूल; सिस्टम ने बना दिया उन्हें बिजली चोर

Tue, 26 May 2026 10:14 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

पूर्व सैनिक योगेश कुमार को बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करने के बावजूद कथित तौर पर बिजली चोरी के मामले में फंसा दिया गया, जिससे सिस्टम पर गंभीर सवाल उठे हैं। प्रबंध निदेशक ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही है।
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सेवानिवृत्त सूबेदार अपनी पत्नी के साथ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में बिजली कनेक्शन लेने के लिए सिस्टम का भ्रष्ट आचरण स्वीकार न करने पर पूर्व सैनिक को बिजली चोर का तमगा दे दिया गया। देश की सेवा करने के बाद बिजली चोरी का कलंक झेल रहे हाथरस के मूल निवासी योगेश कुमार ने कई बार वैध कनेक्शन के लिए आवेदन किया, लेकिन हर बार खारिज कर दिया गया। अब दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की प्रबंध निदेशक ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
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सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर योगेश कुमार ने ऑपरेशन पराक्रम और कारगिल युद्ध में देश की सेवा की है। उन्होंने दौरेठा स्थित श्रीजी धाम में मकान बनाया है। उनका कहना है कि 30 अगस्त 2025 को बिजली कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। आरोप है कि रिश्वत न मिलने पर तकनीकी बहाना बनाकर आवेदन खारिज कर दिया गया।

मजबूरन जनरेटर किराए पर लेकर मकान निर्माण का कार्य करना पड़ा। 30 दिसंबर 2025 को फिर आवेदन किया तो विभाग ने घर के ठीक बाहर खंभा होने के बावजूद इलाके को बिना बिजली वाला क्षेत्र बता दिया। वह नहीं माने और 21 जनवरी को तीसरी बार आवेदन कर दिया। इस बार रजिस्ट्री अपलोड न होने की दलील देकर आवेदन खारिज कर दिया गया। चौथी बार आवेदन किया तो उन्हें पता चला कि कनेक्शन तो विभाग ने नहीं दिया, बिजली चोरी की प्राथमिकी दर्ज करा दी है।

अफसरों के लगाए चक्कर पर राहत नहीं
बिजली चोरी का आरोप लगने के बाद पूर्व सैनिक ने जेई से लेकर आगरा जोन के मुख्य अभियंता तक से संपर्क किया। उन्हें कोई मदद नहीं मिली। योगेश कुमार और उनकी पत्नी 11 मई को प्रबंध निदेशक श्रुति से मिले। श्रुति ने तीन दिन में रिपोर्ट तलब की लेकिन नीचे के अधिकारियों ने उनके आदेश को नजरअंदाज कर दिया। सोमवार को पीड़ित दंपती के दोबारा पहुंचने पर प्रबंध निदेशक ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
 
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जांच कराकर होगी कार्रवाई
प्रकरण पर प्रबंध निदेशक श्रुति का कहना है कि कोई उपभोक्ता कनेक्शन के लिए आवेदन कर रहा है, तो नियमानुसार उसे कनेक्शन देना विभाग का प्राथमिक दायित्व है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। पूर्व सैनिक को परेशान करने और लापरवाही में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
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