राजस्व न्यायालयों में अधिकारियों के नहीं बैठने से लौट रहे वादकारी
मैनपुरी। चुनावी शोर में राजस्व न्यायालयों के काम दब गए हैं। राजस्व न्यायालयों में अधिकारियों के नहीं बैठने से वादकारी लौट रहे हैं। मुकदमों में सुनवाई होने की बजाए वादकारियों को केवल तारीखें देकर लौटाया जा रहा है।
राजस्व न्यायालयों में मुकदमों का निस्तारण करने वाले अधिकारियों पर प्रशासनिक जिम्मेदारी भी होती है। तहसील, कलेक्ट्रेट, चकबंदी के राजस्व न्यायालयों में मुकदमों का निस्तारण प्रशासनिक अधिकारों वाले अधिकारी ही करते हैं। कलेक्ट्रेट में एसडीएम, एडीएम, राजस्व अधिकारी, डिप्टी कलक्टर, चकबंदी में बंदोबस्त अधिकारी ही राजस्व और चकबंदी संबंधी मामले निपटाते हैं। लोकसभा चुनाव प्रक्रिया के चलते तीन प्रशासनिक अधिकारों वाले अधिकारी अपने न्यायालयों में नहीं बैठ रहे हैं। इस दौरान जिन मुकदमों में सुनवाई के लिए तारीखें नियत हैं उनमें वादकारियों को केवल तारीखें देकर ही लौटाया जा रहा है। जिससे वादकारियों के धन और समय की बर्बादी हो रही है।