कारगर साबित नहीं हुई मुख्यमंत्री की घोषणा
श्रीकृष्ण जन्मस्थान की परिधि में नशा और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध का सभी वर्गों ने तहेदिल से स्वागत किया। हिंदूवादी संगठनों ने आतिशबाजी चलाने के साथ ही मिठाइयां बांटी थीं। अब इन दुकानों के चालू रहने से लोगों में मायूसी है।
लोग एक-दूसरे से सवाल कर रहे हैं कि आखिर मुख्यमंत्री की घोषणा क्यों कारगर साबित नहीं हो पाई? हालांकि काफी लोग तो जन्मभूमि की परिधि को तीर्थस्थल घोषित किए जाने से भी संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि जब जनपद के आधे से अधिक धार्मिक स्थलों को तीर्थस्थल घोषित किया जा चुका है तो जनपद के शेष बचे हिस्से को भी इसमें शामिल कर लिया जाए।
दुकानों की सूची शासन को भेजी
जिला आबकारी अधिकारी कुमार प्रभात चंद ने कहा कि 10 वर्ग किमी की परिधि में आने वाली 37 दुकानों की सूची शासन को भेजी जा चुकी है, जिसमें देशी शराब की 10 दुकानें हैं। इस दिशा में शासन के नोटिफिकेशन जारी होने के बाद इन्हें बंद कराया जा सकेगा।