हवाई जहाज की तरह आगरा मंडल के रेल इंजनों में भी ब्लैक बॉक्स जैसी सुविधा होने जा रही है। रेल के इंजन में क्रू वॉयस एंड वीडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम (सीवीवीआरएस) लगाए जा रहे हैं। इससे इंजन में पायलट की गतिविधियों समेत अन्य की वीडियो और ऑडियो रिकाॅर्डिंग हो सकेगी। इससे किसी भी हादसे की वजह और चूक का पता लगाया जा सकेगा।
अभी तक रेल इंजन में गतिविधियों की रिकाॅर्डिंग के लिए किसी तरह की सुविधा नहीं है। सीवीवीआर सिस्टम में लोको की 24 घंटे वीडियो बनेगी। यहां तक कि पायलट क्या बात कर रहा है, ये भी रिकाॅर्ड होगा। इससे ये भी निगरानी रहेगी कि खतरा आने पर पायलट ने क्या किया, कोई हादसा हुआ है तो उस वक्त ट्रेन की गति क्या थी। खतरा भांपते हुए ट्रेन की गति कम की है या नहीं। किसी सिग्नल पर पायलट की क्या सक्रियता रही। रिकार्डिंग और वीडियो डाटा के रूप में सुरक्षित रहेंगे।
रेलवे वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि रेल इंजन में सीवीवीआरएस लगाया जा रहा है। बीते दिनों रेलवे प्रबंधक आनंद स्वरूप ने सीवीवीआरएस डाटा सेटअप का उद्घाटन भी किया है।
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कोहरे में डिवाइस का होता था उपयोग
ट्रेनों में अभी तक कोहरे के दिनों में फॉग सेफ डिवाइस लगाई जाती थी। इससे रेल के 100 मीटर दूरी तक किसी भी अवरोध की जानकारी मिल जाती थी। इसमें लोको पायलट बोलकर जानकारी देता था। कोहरा खत्म होने के बाद यह डिवाइस उपयोग में नहीं लाई जाती थी।