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आगरा में ऑक्सीजन संकट: 34 कोविड अस्पतालों में 350 जीवन रक्षक उपकरण बंद

Sat, 24 Apr 2021 10:02 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने बताया कि हाई फ्लो उपकरणों में प्रति मिनट पांच लीटर ऑक्सीजन खर्च होती है। वेंटिलेटर और अन्य हाई फ्लो उपकरणों के लिए अधिक ऑक्सीजन चाहिए। पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रही है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के टैंक में भरी गई ऑक्सीजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में ऑक्सीजन संकट के कारण 34 निजी कोविड अस्पतालों में गंभीर मरीजों के लिए जीवन रक्षक उपकरण भी उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। 34 कोविड अस्पतालों में हाई फ्लो ऑक्सीजन गैस नहीं मिलने से 350 से अधिक नेजल कैनुला, बाईपेप, वेंटिलेटर बंद हो गए हैं। मरीज को सीधे सिलिंडर से ऑक्सीजन दी जा रही है।

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ताजनगरी में चार दिन से ऑक्सीजन की कमी है। यहां जरूरत करीब 50 टन की है जबकि मिल 15 टन ही रही है। शुक्रवार को संकट और गहरा गया, एसएन मेडिकल कॉलेज को सिर्फ 10 टन गैस आपूर्ति मिली। बाकी निजी कोविड अस्पतालों में 1500 से 2000 सिलेंडर से करीब 4 से 5 टन आपूर्ति बमुश्किल हो पाई है। 

गुरुवार को नोएडा से 10 टन ऑक्सीजन टैंकर में आई थी। 48 घंटे चलने की जगह यह 24 घंटे में ही खत्म हो गई। ऐसे में शुक्रवार को जीवन रक्षक उपकरणों पर भर्ती गंभीर मरीजों की जान के लिए आफत खड़ी हो गई। गंभीर मरीजों के वेंटिलेटर हटाकर सीधे ऑक्सीजन सिलिंडर लगाने पड़ रहे हैं। इनसे मरीजों की हालात बिगड़ रही है। 

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एक मिनट में पांच लीटर का हाई फ्लो
आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने बताया कि हाई फ्लो उपकरणों में प्रति मिनट पांच लीटर ऑक्सीजन खर्च होती है। वेंटिलेटर और अन्य हाई फ्लो उपकरणों के लिए अधिक ऑक्सीजन चाहिए। पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रही। फिर वेंटिलेटर व अन्य उपकरण कैसे चलाएं। आगरा में 34 कोविड अस्पताल हैं, यहां 350 से अधिक जीवन रक्षक उपकरण ऑक्सीजन की कमी के कारण नहीं चल पा रहे हैं। सिलेंडर ही गंभीर मरीजों के लिए विकल्प है।

रिपोर्ट नेगेटिव, लक्षणों में गंभीर संक्रमण
आईएमए के निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. ओपी यादव ने बताया कि निजी कोविड अस्पतालों में प्रशासन ने सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराईं। ऐसे मरीज अधिक भर्ती हो रहे हैं जिनकी कोविड रिपोर्ट नेगेटिव है, लेकिन सीटी स्कैन जांच में फेफड़े खराब हो चुके हैं। संक्रमण के गंभीर लक्षण हैं। कोविड मरीज दो हजार हैं तो गंभीर हालात के नेगेटिव कोविड मरीज भी 1200 से अधिक उपचाराधीन हैं।

राहत: एसएन में चल रहे 20 से अधिक वेंटिलेटर
एक तरफ निजी कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से वेंटिलेटर आदि बंद पड़े हैं तो वहीं दूसरी तरफ एसएन मेडिकल कॉलेज में 20 से अधिक वेंटिलेटर चल रहे हैं। यहां एचएनएफसी, बाईपेप व अन्य उपकरणों से गंभीर मरीजों को हाई फ्लो ऑक्सीजन दी जा रही है। पिछले साल एसएन में दस हजार लीटर ऑक्सीजन का प्लांट लगा था, जिसके माध्यम से पाइपलाइन द्वारा सीधे आईसीयू में हाई फ्लो ऑक्सीजन आपूर्ति होती है। एसएन में 300 से अधिक कोविड मरीज भर्ती हैं।
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तीन दिन से नहीं मिली ऑक्सीजन
कमला नगर के रहने वाले सुधीर बंसल ने बताया कि उनके मौसा सांस मरीज हैं। 70 साल उनकी उम्र है। तीन दिन से ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए भटक रहे हैं। कहीं ऑक्सीजन नहीं मिली। बल्केश्वर निवासी मंजू गुप्ता ने कहा कि मेरे पति कैंसर रोगी थे। पॉजिटिव होने के बाद उनकी हालात बिगड़ गई है। पांच अस्पतालों में पूछा, कहीं आईसीयू या वेंटीलेटर नहीं मिल रहा।

62 रह गया ऑक्सीजन लेवल
दयालबाग निवासी गोपाल शिवहरे ने कहा, मेरे पापा की सांस फूल रही है। ऑक्सीजन लेवल 62 रह गया। कंट्रोल रूम पर फोन किए, लेकिन ऑक्सीजन नहीं मिल सकी। 

नए प्लांट से करा रहे आपूर्ति 
जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह ने बताया कि टेढ़ी बगिया में नया प्लांट तैयार हो गया है। 1400 सिलेंडर की सप्लाई शुक्रवार से शुरू हो गई है। बाहर से ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हो पा रही।
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