सीएमओ डॉक्टर अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि 18 सीएससी पर ईसीजी मशीन उपलब्ध करा दी हैं । स्टाफ को प्रशिक्षण भी दे दिया गया है। हार्ट अटैक का मरीज स्वास्थ्य केंद्र पर आने के बाद जांच होगी। इस रिपोर्ट को व्हाट्सएप के जरिए एसएन मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ को भेजेंगे। हृदय रोग विशेषज्ञ की पुष्टि के बाद मरीज को इंजेक्शन लगा दिया जाएगा। इंजेक्शन लगने के बाद मरीज की हालत में सुधार होगा और उसे 102 या 108 एंबुलेंस सेवा से एसएन मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग में भर्ती कर दिया जाएगा। इससे मरीज की जान जाने का खतरा बहुत कम हो जाएगा।
इंजेक्शन से मरीज को बचाने में मिलेगा फायदा
एसएन मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विभाग अध्यक्ष डॉ बसंत गुप्ता ने बताया कि इंजेक्शन लगने के बाद हार्ट अटैक के मरीज के इलाज में पर्याप्त समय मिल जाएगा। यहां पर मरीज आने के बाद उसकी जरूरी जांच और इलाज शुरू कर दिया जाएगा। सर्दी में हार्ट अटैक का खतरा 2 से 3 गुना तक बढ़ जाता है। इमरजेंसी में भी रोजाना 15- 20 मरीज भर्ती हो रहे हैं। इस इंजेक्शन लगने से मरीज की जान बचाने की दर काफी बढ़ जाएगी।